विद्यार्थियों के कौशल प्रतिभा और अनुशासन का प्रतिबिंब है सांस्कृतिक उत्सव - प्राचार्य
•राणा प्रताप पीजी कालेज में स्पंदन का उद्घाटन
सुलतानपुर। 'किसी भी संस्था का सांस्कृतिक उत्सव उसके विद्यार्थियों के कौशल ,प्रतिभा, अनुशासन और धैर्य का प्रतिबिंब होता है। इससे विद्यार्थियों में एक साथ मिलकर काम करने की भावना विकसित होती है।' यह बातें राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी ने कहीं।
वह क्षत्रिय भवन सभागार में चल रहे महाविद्यालय के वार्षिक सांस्कृतिक उत्सव 'स्पंदन' के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य वक्ता सम्बोधित कर रहे थे।
उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रबंधक सुरेन्द्र नाथ सिंह ने कहा कि सांस्कृतिक उत्सव विद्यार्थियों के कौशल विकास का माध्यम है।
सांस्कृतिक परिषद के संयोजक डॉ.अमित तिवारी ने स्वागत करते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिये विद्यार्थी लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को सहज और सरस रुप में प्रस्तुत करते हैं। संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.मंजू ठाकुर ने किया।
उत्सव के पहले दिन एकल गायन, समूह गायन व वादन प्रतियोगिता हुई। जिसमें निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निशा सिंह, उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ.महमूद आलम व ज्योति सक्सेना मौजूद रहीं।
एकल गायन में बीएड द्वितीय वर्ष की प्रिया पांडेय व बीकॉम प्रथम वर्ष के आयुष मिश्र संयुक्त रुप से प्रथम स्थान पर रहे। द्वितीय स्थान बीए द्वितीय वर्ष की श्वेता मिश्र तथा तृतीय स्थान नेहा मिश्र को प्राप्त हुआ।
समूह गायन में सोमल व कोमल प्रथम शगूफी व कीर्ति द्वितीय तथा कोमल , शिवानी व अर्चना तृतीय स्थान पर रहीं।
वादन प्रतियोगिता के बांसुरी में बीएससी प्रथम वर्ष की नैंसी, हारमोनियम में एम ए संस्कृत प्रथम वर्ष के मनीष मौर्य व डफली में बीए तृतीय वर्ष की कुसुम को पहला स्थान हासिल हुआ।




























































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