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जौनपुर मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू को लेकर जागरूकता अभियान

•MBBS छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए समझाए बचाव के तरीके, लक्षण दिखें तो लापरवाही न करने की अपील

जौनपुर। स्वाइन फ्लू/इन्फ्लुएंजा के बढ़ते संक्रमण की आशंका को देखते हुए उमनाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर में जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मेडिकल कॉलेज के MBBS छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को इन्फ्लुएंजा के लक्षण, संक्रमण से बचाव और जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक किया।

नुक्कड़ नाटक में विद्यार्थियों ने सरल संवाद और प्रभावी प्रस्तुति के जरिए बताया कि बुखार, खांसी, जुकाम, गले में खराश, शरीर में दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर सतर्क रहना चाहिए। संक्रमण से बचाव के लिए नियमित रूप से हाथ धोने, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकने, जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करने और लक्षण होने पर दूसरों से उचित दूरी बनाए रखने का संदेश दिया गया।

विद्यार्थियों ने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी अफवाहों से बचने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं न लेने के लिए भी जागरूक किया। लक्षण गंभीर होने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील की गई।

जागरूक नागरिक संक्रमण नियंत्रण में निभा सकते हैं अहम भूमिका

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) आर.बी. कमल ने कहा कि संक्रामक रोगों की रोकथाम केवल चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। सही जानकारी और सावधानी के जरिए संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

उन्होंने MBBS विद्यार्थियों के जनजागरूकता प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। विद्यार्थी अपने ज्ञान के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता का प्रभावी संदेश पहुंचा सकते हैं।

प्राचार्य ने लोगों से अपील की कि इन्फ्लुएंजा से जुड़ी किसी भी अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास न करें और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए योग्य चिकित्सकों एवं विश्वसनीय चिकित्सा स्रोतों पर भरोसा करें।

मरीजों की सुविधा और उपचार व्यवस्था पर विशेष ध्यान

मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. (डॉ.) ए.ए. जाफरी ने बताया कि मौसम में बदलाव और वायरल संक्रमण के मामलों को देखते हुए अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मरीजों की समयबद्ध जांच, चिकित्सकीय परामर्श और उपचार के साथ आवश्यक दवाओं, जांच सुविधाओं एवं चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता की नियमित समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण होने पर घबराने के बजाय समय से चिकित्सकीय सलाह लें और खुद से दवा लेने से बचें।

नुक्कड़ नाटक बना जागरूकता का प्रभावी माध्यम

सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह ने बताया कि MBBS विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों को आमजन तक सरल भाषा में पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि लोगों को हाथों की स्वच्छता, श्वसन संबंधी शिष्टाचार, मास्क के उचित उपयोग, भीड़भाड़ वाले स्थानों में सावधानी तथा लक्षण दिखाई देने पर समय से चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

कार्यक्रम में डॉ. विनोद कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. आदर्श यादव, डॉ. मुदित चौहान, डॉ. पूजा पाठक, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. नितेश कुमार सहित चिकित्सा शिक्षक, MBBS छात्र-छात्राएं एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


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