UP शिक्षक भर्ती 2026: सहायक अध्यापक परीक्षा का पूरा खाका जारी, 120 मिनट में हल करने होंगे 120 प्रश्न
•कक्षा 6 से 8 तक के सहायक अध्यापकों की भर्ती परीक्षा में दो खंड होंगे—सामान्य ज्ञान के 30 और विषय से जुड़े 90 प्रश्न
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती परीक्षा-2026 की परीक्षा संरचना एवं विषय-वस्तु जारी कर दी है। आयोग की ओर से जारी विस्तृत पाठ्यक्रम के मुताबिक अभ्यर्थियों को 120 प्रश्नों की परीक्षा 120 मिनट यानी दो घंटे में पूरी करनी होगी। परीक्षा में प्रत्येक प्रश्न तीन अंक का होगा।नेगेटिव मार्क 1/3
दो खंडों में होगी परीक्षा
जारी परीक्षा पैटर्न के अनुसार प्रश्नपत्र को दो खंडों में विभाजित किया गया है।
पहले खंड में सामान्य ज्ञान से संबंधित 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं दूसरे खंड में 90 प्रश्न संबंधित विषय से होंगे। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होंगे और प्रत्येक प्रश्न के सही उत्तर पर एक अंक निर्धारित है।
आयोग के अनुसार अभ्यर्थी जिस विषय के सहायक अध्यापक पद के लिए चयनित होना चाहता है, उसके अनुरूप विषयगत प्रश्नों की तैयारी करनी होगी। भाषा विषय के अभ्यर्थियों के लिए संस्कृत, हिन्दी अथवा अंग्रेजी में से किसी एक का चयन किया जाना है।
सामान्य ज्ञान में देश-दुनिया से लेकर तर्कशक्ति तक
सामान्य ज्ञान खंड का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं, भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, भारत का भूगोल, भारतीय राजनीति एवं शासन व्यवस्था जैसे विषय शामिल हैं।
इसके साथ ही आर्थिक और सामाजिक विकास, सतत विकास, गरीबी, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र की पहल, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन से जुड़े प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
सामान्य विज्ञान के साथ-साथ Analogies, Assertion and Reason, Binary Logic, Classification, Clocks and Calendars, Coding-Decoding जैसी तार्किक क्षमता से संबंधित प्रश्न भी परीक्षा का हिस्सा होंगे।
हिन्दी, अंग्रेजी और संस्कृत की भी अलग तैयारी
हिन्दी
हिन्दी विषय में अभ्यर्थियों को हिन्दी साहित्य एवं भाषा का इतिहास, व्याकरण, अपठित गद्यांश तथा प्रमुख लेखकों एवं कवियों का सामान्य परिचय और उनकी रचनाओं की तैयारी करनी होगी।
English
अंग्रेजी विषय में History of English Literature and Language, Grammar, Unseen Passage तथा Writers/Poets का सामान्य परिचय और उनके कार्य शामिल हैं।
संस्कृत
संस्कृत विषय में संस्कृत भाषा एवं साहित्य के इतिहास की जानकारी, व्याकरण, अपठित गद्यांश/पद्यांश तथा प्रमुख लेखकों एवं कवियों का सामान्य परिचय एवं उनकी कृतियां पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
सामाजिक अध्ययन का पाठ्यक्रम भी व्यापक
सामाजिक अध्ययन में इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र और अर्थव्यवस्था से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण अध्याय शामिल किए गए हैं। अभ्यर्थियों को प्राचीन भारतीय संस्कृति, पाषाणकालीन संस्कृति, वैदिक संस्कृति, छठी शताब्दी ईसा पूर्व का भारत, मौर्यकाल, गुप्तकाल, राजपूत काल, दक्षिण भारत के राज्य, दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य, यूरोपीय शक्तियों का आगमन और अंग्रेजी शासन जैसे विषयों की तैयारी करनी होगी।
इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन, स्वतंत्रता आंदोलन, स्वतंत्रता प्राप्ति, भारत विभाजन, स्वतंत्र भारत की चुनौतियां, हमारा समाज, ग्रामीण एवं नगरीय समाज, जिला प्रशासन, भारतीय संविधान, केंद्र एवं राज्य शासन व्यवस्था, लोकतंत्र, देश की सुरक्षा एवं विदेश नीति, वैदिक समुदाय एवं भारत तथा नागरिक सुरक्षा व यातायात सुरक्षा जैसे विषय भी पाठ्यक्रम में शामिल हैं।
भूगोल में भारत से लेकर उत्तर प्रदेश तक फोकस
भूगोल के अंतर्गत पृथ्वी एवं उसके स्थान, पृथ्वी की गतियां, मानचित्रण, पृथ्वी के चार प्रमुख मंडल, स्थल मंडल, पृथ्वी की संरचना और प्रमुख स्थलाकृतियां शामिल हैं।
अभ्यर्थियों को भारत का भौतिक स्वरूप, मिट्टी, उर्वरक का प्रयोग एवं महत्व, वनस्पति एवं वन्य जीव, जलवायु, आर्थिक संसाधन, यातायात, व्यापार एवं संचार की जानकारी भी रखनी होगी।
विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में स्थान, राजनीतिक विभाग, जलवायु, मिट्टी, वनस्पति एवं वन्यजीव, कृषि, उद्योग, जनसंख्या एवं नगरीकरण से जुड़े विषयों को भी पाठ्यक्रम में जगह दी गई है।
गणित में मूलभूत अवधारणाओं से लेकर प्रायिकता तक
गणित विषय में प्राकृतिक, पूर्ण एवं परिमेय संख्याएं, वर्गमूल-घनमूल, बीजगणित, समीकरण, ज्यामिति, रेखाएं एवं कोण, त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त, क्षेत्रफल एवं आयतन जैसे अध्याय शामिल हैं।
इसके अलावा अनुपात-समानुपात, प्रतिशत, लाभ-हानि, साधारण एवं चक्रवृद्धि ब्याज, सांख्यिकी, माध्य-माध्यिका-बहुलक, पाई चार्ट एवं दंड चार्ट, प्रायिकता तथा क्षेत्रफल एवं घनाभ आदि के मापन से संबंधित प्रश्न भी पूछे जाएंगे।
विज्ञान में जीव-जगत से ऊर्जा और पर्यावरण तक
विज्ञान विषय में दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्वपूर्ण खोज, मानव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, रेशे एवं वस्त्र, सजीव-निर्जीव पदार्थ, जीव जगत, जन्तु एवं वनस्पति के आधार पर पृथ्वी का वर्गीकरण जैसे विषय शामिल हैं।
इसके साथ सूक्ष्मजीव, कोशिका से ऊतक तक, किशोरावस्था, भोजन एवं स्वास्थ्य, पोषण, विटामिन, हार्मोन एवं खनिज लवण, मापन, विद्युत धारा, चुंबकत्व, गति एवं बल, ऊर्जा, ध्वनि, विद्युत, प्रकाश, वायु, जल, अम्ल-क्षार-लवण, ऊष्मा एवं ताप, मानव निर्मित वस्तुएं, प्लास्टिक, कांच, साबुन, धातु एवं खनिज तथा ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत भी परीक्षा की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
अर्थव्यवस्था और पर्यावरण भी परीक्षा में अहम
अभ्यर्थियों को आर्थिक गतिविधियों, संसाधनों के उपयोग, जनसंख्या वृद्धि के पर्यावरण पर प्रभाव, प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा ऊर्जा संरक्षण जैसे विषयों पर भी पकड़ बनानी होगी।
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सूचना
आयोग द्वारा जारी संरचना को देखते हुए अभ्यर्थियों के लिए केवल विषय की सामान्य जानकारी पर्याप्त नहीं होगी। दो घंटे में 120 प्रश्न हल करने के लिए विषयगत तैयारी के साथ गति और समय प्रबंधन भी निर्णायक भूमिका निभाएगा। सामान्य ज्ञान के 30 प्रश्नों में समसामयिक घटनाओं के साथ इतिहास, भूगोल, राजनीति, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और तार्किक क्षमता पर विशेष ध्यान देना होगा।
प्रश्नपत्र की भाषा संबंधी निर्देश के अनुसार प्रश्नपत्र अंग्रेजी एवं हिन्दी दोनों भाषाओं में होगा।
GGS NEWS 24 विश्लेषण
सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2026 का पाठ्यक्रम स्पष्ट संकेत देता है कि परीक्षा केवल रटने पर आधारित नहीं होगी। सामान्य ज्ञान, विषयगत समझ, तर्कशक्ति और भाषा दक्षता—चारों मोर्चों पर अभ्यर्थियों को तैयारी करनी होगी। 120 प्रश्नों के लिए उपलब्ध 120 मिनट का अर्थ है कि औसतन प्रत्येक प्रश्न पर करीब एक मिनट मिलेगा। ऐसे में अभी से मॉक टेस्ट, समयबद्ध अभ्यास और पाठ्यक्रम के प्रत्येक हिस्से की नियमित पुनरावृत्ति अभ्यर्थियों की सफलता की कुंजी बन सकती है।




















































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