जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंड गौरी बाजार के कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण
देवरिया। आज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य द्वारा विकासखंड गौरी बाजार के विभिन्न प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों का सघन औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान शैक्षणिक गतिविधियों, डिजिटल उपस्थिति, ऑपरेशन कायाकल्प तथा मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी गौरी बाजार विनय शील मिश्र एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के महेंद्र मिश्र भी उपस्थित रहे।
निरीक्षण किए गए विद्यालयों का विस्तृत विवरण:
1. प्राथमिक विद्यालय भटौली बुजुर्ग:
उपस्थिति व स्टाफ: नामांकित 113 बच्चों के सापेक्ष 74 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय में कार्यरत सभी 4 अध्यापक एवं 2 शिक्षामित्र समय पर उपस्थित होकर पठन-पाठन में संलग्न पाए गए।
शैक्षणिक स्तर: कक्षा 7 की छात्रा पायल द्वारा प्रस्तुत कविता की बीएसए महोदय ने सराहना की। बच्चों का अधिगम स्तर उच्च कोटि का पाया गया। कक्षाएं समय-सारणी, शिक्षक संदर्शिका एवं शिक्षक डायरी के अनुसार संचालित पाई गईं। स्मार्ट क्लास और टी.एल.एम. (TLM) का प्रयोग भी उत्कृष्ट रहा।
भौतिक व्यवस्थाएं: ऑपरेशन कायाकल्प के तहत कक्षा-कक्षों में टाईलीकरण, रंगाई-पुताई, पेयजल, हाथ धोने की व्यवस्था, बिजली उपकरण, ब्लैक बोर्ड, किचन शेड तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय उपलब्ध पाए गए। परिसर जलभराव से मुक्त मिला।
छात्र संसाधन: सभी बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म, जूते-मोजे एवं पाठ्य-पुस्तकों के साथ उपस्थित मिले।
2. उच्च प्राथमिक विद्यालय कलवन:
उपस्थिति व डिजिटल पहल: कुल 148 नामांकित बच्चों के सापेक्ष 126 बच्चे उपस्थित पाए गए। अध्यापकों द्वारा बच्चों की डिजिटल उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।
शैक्षणिक वातावरण व मध्याह्न भोजन: विद्यालय में कैच-अप अभियान, पठन संस्कृति एवं निपुण तालिका व्यवस्थित ढंग से टंगी पाई गई। मध्याह्न भोजन में तहरी बनी हुई मिली।
दिशानिर्देश: बिना ड्रेस में आए बच्चों के संदर्भ में प्रधानाध्यापक को अभिभावक बैठक (PTA) आयोजित कर अभिभावकों को बच्चों के लिए यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
3. प्राथमिक विद्यालय बेलही:
कायाकल्प संतृप्तीकरण: निरीक्षण के दौरान विद्यालय में 'ऑपरेशन कायाकल्प' के तहत निर्धारित सभी बुनियादी विकास कार्य पूर्ण पाए गए।
4. कंपोजिट विद्यालय पोखारभिंडा:
उपस्थिति व स्टाफ: नामांकित 140 बच्चों के सापेक्ष 101 बच्चे उपस्थित मिले। कुल 8 अध्यापकों व 1 शिक्षामित्र के स्टाफ में से 2 शिक्षिकाएं बाल देखभाल अवकाश (CCL) पर थीं, जबकि शेष सभी अध्यापक कक्षाओं में शिक्षण कार्य करते पाए गए।
शैक्षणिक व कायाकल्प स्थिति: समय-सारणी के अनुसार कक्षाएं संचालित मिलीं तथा बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। सभी कमरों में टाईलीकरण का कार्य पूर्ण मिला। प्रधानाध्यापक को विद्यालय भवन की रंगाई-पुताई का कार्य जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, डिजिटल उपस्थिति और स्वच्छता को निरंतर बनाए रखने का निर्देश दिया।



























































Leave a comment