सुभाष चंद्र बोस की विरासत विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ शुभारंभ
देवरिया भाटपार रानी, मदन मोहन मालवीय पीजी कॉलेज के प्राचीन इतिहास विभाग द्वारा भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के प्रायोजन में शुक्रवार को तक्षशिला ग्रंथालय सभागार में सुभाष चंद्र बोस की विरासत’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का नारा बड़े लक्ष्यों के लिए बड़े समर्पण की सीख देता है। उन्होंने कहा कि सुभाष चंद्र बोस केवल सेनापति नहीं, बल्कि वैश्विक दृष्टि रखने वाले महान राष्ट्रवादी थे।
मुख्य वक्ता प्रो. सौम्य सेन गुप्ता, डॉ. अनीता सिंह और विशिष्ट अतिथि डॉ. पवन कुमार राय ने नेताजी के राष्ट्रवाद, नेतृत्व और विचारों पर प्रकाश डाला। प्राचार्य प्रो. सतीश चंद्र गौड़ ने कहा कि नेताजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती चित्र पर पुष्प अर्पित कर हुआ। संयोजक डॉ. प्रदीप कुमार रंजन ने विषय प्रवर्तन, पुस्तकालय अध्यक्ष राजेश धर द्विवेदी ने स्वागत तथा डॉ. दिनेश कुमार शर्मा ने संचालन एवं आभार ज्ञापित किया।



























































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