Latest News / ताज़ातरीन खबरें

फर्जी प्रमाणपत्रों पर लगेगी लगाम, 24 घंटे डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे स्किल सर्टिफिकेट

•UPSDM के कौशल प्रमाणपत्र अब डिजीलॉकर पर, ऑनलाइन होगा सत्यापन

लखनऊ, 10 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के कौशल प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। अब उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने कौशल प्रमाणपत्रों को सुरक्षित रखने के लिए कागजी दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। UPSDM ने नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) और डिजीलॉकर के साथ अपना एकीकरण पूरा कर लिया है। इसके बाद प्रशिक्षित युवाओं के कौशल प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेंगे।

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र सुरक्षित रूप से ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे। युवा अपने डिजीलॉकर अकाउंट के माध्यम से प्रमाणपत्रों को कभी भी देख, डाउनलोड और आवश्यकता के अनुसार साझा कर सकेंगे।

प्रमाणपत्र खोने या खराब होने की समस्या खत्म

डिजिटल प्रमाणपत्र की सुविधा से कागजी प्रमाणपत्र के खो जाने, खराब होने या उसके रखरखाव जैसी समस्याओं से युवाओं को राहत मिलेगी। इस व्यवस्था को नेशनल ई-गवर्नेंस डिविजन (NeGD) और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन (DIC) के सहयोग से लागू किया गया है।

इसके लिए संस्थागत पंजीकरण, डिजिटल प्रमाणपत्र तैयार करने की व्यवस्था, प्रमाणपत्रों के प्रारूप और पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल करने का काम पूरा किया जा चुका है।

नौकरी में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होगा आसान

डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध होने से कंपनियों और नियोक्ताओं के लिए अभ्यर्थियों की योग्यता और प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता जांचना आसान हो जाएगा। ऑनलाइन सत्यापन के कारण भर्ती के दौरान दस्तावेजों की जांच में लगने वाला समय कम होगा।

इसके साथ ही फर्जी अथवा जाली प्रमाणपत्रों के इस्तेमाल पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। इससे रोजगार प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है।

देश में कहीं भी आसानी से उपलब्ध होगा प्रमाणपत्र

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि डिजिटल प्रमाणपत्र की सुविधा से प्रशिक्षित युवाओं को अपने कौशल और प्रशिक्षण का प्रमाण देश में कहीं भी आसानी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। रोजगार के दौरान जरूरत पड़ने पर अभ्यर्थी डिजिटल माध्यम से अपने प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि स्किल सर्टिफिकेट युवाओं के प्रशिक्षण और योग्यता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। इसे डिजिटल रूप में उपलब्ध कराने से प्रमाणपत्रों की सुरक्षा के साथ-साथ जरूरत के समय उनका इस्तेमाल भी आसान होगा।

तकनीक से सरल और पारदर्शी होंगी कौशल विकास सेवाएं

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल कर रही है। कौशल प्रमाणपत्रों को डिजीलॉकर से जोड़ना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से युवाओं को अपने प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने और आवश्यकता पड़ने पर देश में कहीं भी उपलब्ध कराने की सुविधा मिलेगी। वहीं नियोक्ताओं के लिए ऑनलाइन सत्यापन आसान होने से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।

सरकार का उद्देश्य कौशल विकास से जुड़ी सेवाओं को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाना है, ताकि प्रशिक्षित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार हासिल करने में अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।


Leave a comment

Educations

Sports

Entertainment

Lucknow

Azamgarh