आईटीआई पास युवाओं के लिए खुशखबरी: आजमगढ़ में बढ़ेंगे अप्रेन्टिसशिप के अवसर, इस माह लगेंगे दो मेले
•डीएम रविन्द्र कुमार ने सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी अधिष्ठानों को अप्रेन्टिस पोर्टल से जोड़ने के दिए निर्देश
आजमगढ़। आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को रोजगार और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने अप्रेन्टिसशिप के अवसर बढ़ाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में पीएम सेतू योजना एवं एनएपीएस (नेशनल अप्रेन्टिसशिप प्रमोशन स्कीम) की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में आईटीआई पास युवाओं को अधिक से अधिक अप्रेन्टिसशिप से जोड़ने और प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर करने पर जोर दिया गया।
बैठक में नोडल प्रधानाचार्य, राजकीय आईटीआई आजमगढ़ दीपक कुमार यादव ने अप्रेन्टिसशिप योजना की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद के राजकीय एवं निजी अधिष्ठानों से लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अप्रेन्टिस मेलों के माध्यम से आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं को योजना से जोड़ा जा रहा है। योजना के तहत अभ्यर्थियों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित 9,600 रुपये मानदेय प्राप्त हो रहा है।
इस माह कम से कम दो अप्रेन्टिस मेले कराने के निर्देश
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस माह कम से कम दो अप्रेन्टिस मेले आयोजित कराए जाएं। उन्होंने कहा कि जिले के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी एवं निजी अधिष्ठानों को अप्रेन्टिस पोर्टल से जोड़ा जाए, ताकि आईटीआई उत्तीर्ण युवाओं के लिए अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने अधिष्ठानों से समन्वय कर रिक्त अप्रेन्टिसशिप सीटों की जानकारी जुटाने तथा युवाओं को उनकी ट्रेड और योग्यता के अनुसार अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि अप्रेन्टिसशिप युवाओं को उद्योग आधारित व्यावहारिक अनुभव देने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए लक्ष्य के अनुरूप कार्य किया जाए।
प्रशिक्षित अनुदेशकों से मिलेगी बेहतर ट्रेनिंग
पीएम सेतू योजना के तहत एनएसटीआई कानपुर में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके आईटीआई अनुदेशकों की विशेषज्ञता का प्रशिक्षणार्थियों को लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रशिक्षित अनुदेशकों के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को आधुनिक तकनीक, व्यावहारिक ज्ञान और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि कौशल विकास को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाए, जिससे प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल, डीईएसटीओ रामदरस यादव, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई लालगंज रीतेश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य राजकीय आईटीआई फूलपुर के.पी. प्रसाद, अनुदेशक श्रीकान्त यादव, अरविन्द कुमार उपाध्याय, इन्द्रपति कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।























































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