प्रधानाध्यापक का निलंबन निरस्त संयुक्त जांच के आदेश।गोपनीय और कूटरचना के आधार पर निलंबन कराए जाने की बात सामने आने पर बीएसए ने लिया फैसला
आजमगढ़। अजमतगढ़ शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नरहनखास के प्रधानाध्यापक जसवंत कुमार के निलंबन को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही प्रकरण की संयुक्त जांच के लिए मेहनगर और तहबरपुर के खंड शिक्षा अधिकारियों को जांच अधिकारी नामित किया गया है। खंड शिक्षा अधिकारी अजमतगढ़ की ओर से 22 अगस्त 2026 को भेजे गए पत्र में प्राथमिक विद्यालय नरहमखास में कथित अनियमितताओं और स्वेच्छाचारिता समेत कई बिंदुओं से विभाग को अवगत कराया गया था। इसमें मिड डे मील के लिए गैस चूल्हे के स्थान पर लकड़ी का इस्तेमाल किए जाने तथा विद्यालय में छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थिति और संचालन से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। इन शिकायतों के आधार पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आदेश संख्या 10420-24/2026-27 दिनांक सात सितंबर 2026 को प्रधानाध्यापक जसवंत कुमार को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि बाद में प्रकरण में यह तथ्य सामने आया कि उक्त निलंबन तथ्य गोपन एवं कूटरचना के आधार पर कराया गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक ने सात सितंबर को जारी संशोधित आदेश में प्रधानाध्यापक का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। साथ ही पदेन खंड शिक्षा अधिकारी मेहनगर एवं तहबरपुर को संयुक्त रूप से जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारियों को विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण कर पूरे प्रकरण की जांच करने और अपनी स्पष्ट आख्या संस्तुति सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


























































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