आधुनिक जीवन शैली में बढ़ती शारीरिक समस्याओं के उपचार में फिजियोथेरेपी की भूमिका है महत्वपूर्ण - डॉ शशिकांत तिवारी
देवरिया।सलेमपुर, देवरिया। आज के परिवेश में मानव जीवन के बढ़ते भाग दौड़ व व्यस्त दिनचर्या के कारण होने वाले परेशानी में भौतिक चिकित्सा पद्धति की बहुत ही आवश्यकता है। उक्त बातें विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर नगर के सोहनाग मोड़ के समीप एक जलपान गृह में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बीएचयू वाराणसी के भौतिक चिकित्सक डॉ शशिकांत तिवारी ने कहा। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवन शैली में बढ़ती शारीरिक समस्याओं के उपचार व बचाव में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस विधा के माध्यम से कमर दर्द, गर्दन दर्द, जोड़ो की समस्या, मांस पेशियों में खिंचाव, चोट के बाद होने वाली परेशानियों तथा स्ट्रोक जैसी स्थितियों में मरीजों को शारीरिक क्षमता वापस पाने में मदद मिलती है।नियमित व्यायाम ,सही शारीरिक मुद्रा और विशेषज्ञ की सलाह से कई समस्याओं से बचाव भी सम्भव है।उन्होंने बताया कि फिजियोथेरेपी केवल दर्द कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मरीज की गतिशीलता ,मांसपेशियों की ताकत और जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने में भी सहायक होता है। लोगों को बिना किसी योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर के कोई भी व्यायाम करना उसके जीवन के साथ खिलवाड़ करने जैसा होगा। आज जरूरत है कि लोगों को जागरूक कर इस चिकित्सा पद्धति से इलाज करने की सलाह दी जाए। क्योंकि कोई भी दर्द निवारक दवा ज्यादा प्रयोग करने से मरीज को और समस्या बढ़ सकती है।पूरे विश्व में इस समय इस पद्धति से इलाज कराने का चलन लाभदायक सिद्ध हो रहा है।



























































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