दो वर्ष से बकाया मानदेय के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का विकास भवन पर प्रदर्शन
आज़मगढ़ । विकासखंड मेहनगर अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में काम करने वाली समूह की महिलाओं द्वारा मंगलवार को विकास भवन पर धरना प्रदर्शन किया गया । बताया जाता है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूह गठन के लिए कुछ महिलाओं का चयन किया जाता है जिनको इंटरनल कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (आई सी आर पी) कहा जाता है । इन आईसीआरपी को विभिन्न ब्लॉकों में समूह गठन के लिए भेजा जाता है ,जिसके लिए पारिश्रमिक के तौर पर ₹400 प्रतिदिन के हिसाब से पारिश्रमिक दिया जाता है । महिलाओं ने बताया कि हम लोग वित्तीय वर्ष 2020-21 से अब तक विभिन्न विकास खंडों के विभिन्न ग्राम पंचायतों में समूह गठन का कार्य किया है लेकिन आज तक हम लोगों को पारिश्रमिक नहीं दिया गया । जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने पर पद से हटाने की धमकी दी जाती है जिससे हम गरीब महिलाएं काफी परेशान हैं । हम लोगों को रोजी रोटी चलाना बड़ा मुश्किल हो गया है । हम लोग अपने घर परिवार व बच्चों को छोड़कर महीनों तक बाहर रहकर ड्यूटी करते हैं फिर भी हम गरीबों की सुनने वाला कोई नहीं है । ऐसी स्थिति में हम लोग मुख्य विकास अधिकारी को मानदेय दिलाने हेतु ज्ञापन देने के लिए आज विकास भवन आए हुए हैं । बताया जाता है कि आई सी आर पी बकाया मानदेय के लिए सोमवार को ठेकमा ब्लॉक की महिलाओं ने भी धरना प्रदर्शन दिया था । बकाया मानदेय भुगतान के लिए 10 दिन का समय विकास के जिम्मेदार अधिकारियों ने दिया महिलाओं से बातचीत करने पर महिलाओं ने बकाया मानदेय के लिए डी सी एन आर एल एम मिथिलेश तिवारी जिला मिशन प्रबंधक प्रवीण राय को जिम्मेदार ठहराया ।



























































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