हिंदी दिवस पर राष्ट्रचेतना और साहित्यिक प्रस्तुतियों से गूंजा समारोह
देवरिया। हिंदी केवल शब्दों और वाक्यों का संयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदना, संस्कार और राष्ट्रीय चेतना की जीवंत अभिव्यक्ति है। इसी भाव को साकार करते हुए रैनाथ ब्रह्मदेव डिग्री कॉलेज, सलेमपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में छात्र-छात्राओं ने विविध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति अपने अनुराग और गौरव की भावना व्यक्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने की। आयोजन हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र मिश्र के संयोजन में हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. सत्येंद्र मिश्र, विंध्याचल दुबे एवं डॉ. अजीत कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत, कविता पाठ और भाषण सहित विभिन्न साहित्यिक प्रस्तुतियां दीं। छात्रा सीमा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जबकि बीमा भारती ने स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया।
साहित्यिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में सोनम कुमारी ने हिंदी की पहचान और उसकी गरिमा को रेखांकित किया। खुशी यादव ने “हिंदी हमारी आन है, हिंदी हमारी शान है” विषय पर कविता पाठ कर हिंदी के प्रति गौरव की भावना जगाई। अर्चना कुशवाहा एवं अंशिका मिश्रा ने हिंदी की उपयोगिता, व्यापकता और राष्ट्र जीवन में उसके महत्व पर अपने विचार रखे। अनु कुमारी ने काव्य पाठ प्रस्तुत कर समारोह को साहित्यिक रंग दिया।
इसके अलावा बीएससी प्रथम सेमेस्टर के विनीत शर्मा तथा एमए तृतीय सेमेस्टर के हर्ष तिवारी और महिमा चौहान सहित अन्य विद्यार्थियों ने भी कविता एवं विभिन्न साहित्यिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों में हिंदी भाषा के प्रति आत्मीयता, साहित्य के प्रति रुचि तथा भारतीय संस्कृति और राष्ट्रचेतना के प्रति सम्मान दिखाई दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हिंदी भारत की विविध भाषायी एवं सांस्कृतिक परंपराओं को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है। हिंदी का सम्मान केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर दैनिक व्यवहार, शिक्षा, साहित्य और सामाजिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए। विद्यार्थियों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा उसके साहित्यिक वैभव को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
प्राचार्य डॉ. अजय कुमार मिश्र ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में विद्यार्थियों को हिंदी की गौरवशाली परंपरा से जुड़ने तथा भाषा को ज्ञान, चिंतन और अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि भाषा के प्रति सम्मान हमारी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान का भी प्रतीक है।
समारोह में महाविद्यालय के प्रबंधक पंडित दीनदयाल मिश्रा, निदेशक राजमणि मिश्रा, डॉ. सत्येंद्र मिश्र, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. अजीत कुमार पांडेय, डॉ. राहुल दुबे, डॉ. ओपी पांडेय सहित शिक्षक, कर्मचारी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


























































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