9 साल पुराने गला दबाकर हत्या के मामले में बड़ा फैसला, 5 दोषियों को आजीवन कारावास
•कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर लगाया 1.05 लाख रुपये का अर्थदंड, 12 गवाहों की हुई थी गवाही
मेहनगर, आजमगढ़। ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक पुराने हत्याकांड में बड़ी सफलता मिली है। थाना मेहनगर में दर्ज करीब नौ वर्ष पुराने गला दबाकर हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-4 ने पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 1,05,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला 3 फरवरी 2017 का है। पटना अहियाई निवासी प्रभात कुमार दूबे की तहरीर के आधार पर थाना मेहनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि भीखमपुर निवासी राजेन्द्र पाण्डेय, उनके पुत्र टोनू पाण्डेय, पत्नी उषा पाण्डेय, बहू रीना पाण्डेय तथा मेहनगर कस्बा निवासी शोभा पाण्डेय ने मिलकर प्रभात कुमार दूबे के पिता विरेन्द्र दूबे की गला दबाकर हत्या कर दी थी।
मामला दर्ज होने के बाद मेहनगर पुलिस ने विवेचना शुरू की। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों की गवाही कराई गई।
पुलिस की ओर से की गई विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया। अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 1,05,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
नौ साल बाद आया अदालत का फैसला
करीब नौ वर्ष पुराने इस मामले में न्यायालय का फैसला आने के बाद पुलिस ने इसे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत महत्वपूर्ण सफलता बताया है। पुराने गंभीर अपराधों में प्रभावी विवेचना और न्यायालय में मजबूत पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की कार्रवाई को इस अभियान का हिस्सा माना जाता है।


























































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