"भारत विभाजन: एक ऐतिहासिक विभीषिका" विषयक संगोष्ठी का आयोजन
संत तुलसीदास पीजी कॉलेज सुलतानपुर में आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में कर्मयोगी पंडित राम किशोर त्रिपाठी स्मृति व्याख्यानमाला का आयोजन प्राचीन इतिहास विभाग द्वारा किया गया।" भारत विभाजन: एक ऐतिहासिक विभीषिका" विषयक संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के तौर पर पधारे जनपद की इतिहास मर्मज्ञ , लेखक एवं पत्रकार राज खन्ना ने बताया कि विभाजन एक ऐसा शब्द है जिसका दो देशों के लिए अलग-अलग आशय है ।जहां यह भारत के लिए करुण महागाथा है तो पाकिस्तान के लिए सुखद दास्तान। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भी हमें आजादी के संघर्ष को स्मरण रखना पड़ेगा जिसके लिए हमें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रबंधक सौरभ त्रिपाठी ने कहा कि किसी भी परिवार समाज या देश का विभाजन बड़ा ही दु:खदायी होता है ,कोई इसे प्रसन्नता पूर्वक नहीं स्वीकार करता परंतु हमें इसके लिए परिस्थितियां मजबूर कर देती हैं। यह हमारी कमजोर मनोदशा को दर्शाता है अतीत से अधिक वर्तमान में भी हम विभाजन की इस विभीषिका को झेल रहे हैं। विभागाध्यक्ष प्राचीन इतिहास डॉ जितेन्द्र तिवारी ने कहा कि हम आप अपनी अलग-अलग व्याख्या करते हैं जिसके कारण भारत को विभाजन के दंश का भयंकर दुष्परिणाम आज भी झेलना पड़ रहा है ।प्राचार्य प्रो राम नयन सिंह ने इस अवसर पर नव युवकों को नशा उन्मूलन का शपथ दिलाते हुए अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। संगोष्ठी का संचालन डॉ सतीश ने किया। कार्यक्रम में सत्यदेव तिवारी पत्रकार, प्रो शैलेंद्र प्रसाद पांडेय ,डॉ मदन मोहन सिंह, प्रो महिमा द्विवेदी ,डॉ हरेंद्र सिंह ,डॉ करुणेश भट्ट , डॉ रविंद्र ,डॉ विजय, डॉ अंजू सिंह ,डॉ अमृता रघुवंशी , डॉ जीनत रफीक, अखिलेश कुमार यादव, अवनीश प्रताप ,डॉ प्रभा कांत, डॉ सुरेंद्र तिवारी सहित भारी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही ।



























































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