बाहुबली सपा विधायक रमाकांत यादव को क्यो कोर्ट ने भेजा जेल...
आजमगढ़। फूलपुर के बाहुबली सपा विधायक रमाकांत यादव को एक पुराने मामले में कोर्ट नंबर दस के एसीजेएम के अनुपस्थित में उनके लिंक अफसर एफटीसी सीनियर डिवीजन के यहां हाजिर होकर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि 1998 के चुनाव के दौरान विवाद हो गया गया था। जिसमें माननीय न्यायालय में स्टेट चल रहा था।
कोर्ट ने रमाकांत यादव खिलाफ पहले ही गैर जमानती वारंट जारी कर रखा था। मामला 17 दिसबंर 1998 का है जिसमें रमाकांत यादव के साथ ही पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी समेत अन्य पर हत्या के प्रयास का मुकदमा फूलपुर कोतवाली में दर्ज किया गया था। इसके अलावा वर्ष 2016 में 3 फरवरी को वाहन की चेकिंग में स्कॉर्पियो में भाजपा समर्थक से 2,12,000 बरामद होने के मामले में भी रमाकांत यादव रंगेश यादव समेत सैकड़ों लोगों ने फूलपुर कोतवाली के अंबारी चौक पर चक्का जाम किया था। उस मामले में भी रमाकांत यादव ने सोमवार सरेंडर किया था। इस प्रकार उन्होंने 2 मामलों में सरेंडर किया।
1998 वाले मामले में रमाकांत के विपक्षी रहे अकबर अहमद डंपी के खिलाफ अभी गैर जमानती वारंट जारी है। रमाकांत यादव के अधिवक्ता अध्यक्ष शंकर दुबे ने बताया कि वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव के दौरान सपा प्रत्याशी के रूप में रमाकांत थे जबकि बसपा प्रत्याशी के रूप में डंपी थे। फूलपुर के अंबारी चौक के समीप दोनों पक्षों में जमकर हवाई फायरिंग हुई थी हालांकि किसी को गोली नहीं लगी थी।
घटना के बाबत तत्कालीन अंबारी चौकी प्रभारी ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी छह से अधिक वाहनों से अंबारी चौक पर पहुंचे और सपा प्रत्याशी रमाकांत के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। कुछ ही देर बाद दीदारगंज की तरफ से रमाकांत व उमाकांत यादव भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए।
इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर फायरिंग हुई। चौकी प्रभारी अंबारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। लेकिन इस प्रकरण में नामजद किए गए किसी भी व्यक्ति ने जमानत नहीं कराया। जबकि कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी हुआ था।
जिसमें पूर्व सांसद व वर्तमान विधायक फूलपुर-पवई भी शामिल थे। सोमवार को वो जमानत के लिए कोर्ट पहुंचे थे। जहां से उन्हें जमानत तो नहीं मिली लेकिन कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने उन्हें न्यायालय से ही जेल भेज दिया।



























































Leave a comment