आजमगढ़: विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन में आचार संहिता सख्त, सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर होगी कार्रवाई
आजमगढ़। विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देशों का अक्षरशः पालन कराने के निर्देश दिए हैं।
निर्वाचन अवधि में सरकारी भवन, वाहन, कर्मचारी अथवा अन्य शासकीय संसाधनों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक निर्वाचन होने के कारण स्कूल-कॉलेजों में चुनाव प्रचार पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। सरकारी अथवा सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के परिसर का प्रचार के लिए इस्तेमाल करने तथा मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर रोक रहेगी।
इसके अलावा मतदाताओं को धन, उपहार या किसी अन्य प्रकार का प्रलोभन देने, डराने-धमकाने तथा प्रभावित करने की गतिविधियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जाति या धर्म के नाम पर वोट मांगने और सामाजिक तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों पर रोक रहेगी। सभा एवं जुलूस आयोजित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनुमति लेना आवश्यक होगा।
प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और भ्रामक सूचनाओं की निगरानी भी की जाएगी। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।
निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान निर्धारित नियमों के तहत मतदान से 48 घंटे पूर्व प्रचार पर प्रतिबंध लागू रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों से निर्वाचन आयोग के निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का पालन करने की अपील की है।


























































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