अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत संविदा प्राध्यापकों ने विनियमितिकरण न होने से आहत होकर लौटाया मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड
मऊ। घोसी।अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष, डॉ अरुणेश अवस्थी के आवाहन पर प्रदेश की सभी जनपदों से अनुदानित महाविद्यालयो में नियुक्त शिक्षक अपने अपने मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा कार्ड को वापस कर रहे हैं। इसी क्रम मेंआज महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय, आजमगढ़ से संबद्ध जनपद मऊ के सभी अनुदानित महाविद्यालयों में कार्यरत स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ, इकाई- मऊ के संगठन जिलाध्यक्ष डॉ दिनेश कुमार श्रीवास्तव व महामंत्री डॉ कृष्ण कुमार यादव के नेतृत्व में आज सुबह 10:30 बजे जिलाधिकारी/सिटी मजिस्ट्रेट महोदय के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपते हुए सरकार द्वारा दिए गए अपने कैशलेस चिकित्सा कार्ड को वापस करने का पत्र माननीय सिटी मजिस्ट्रेट महोदय को सौंपा गया। विदित हो कि पूरे प्रदेश में कुल 331उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनुदानित कालेजो में तीन हजार शिक्षक एक लम्बे समय से अपने परिवार व बच्चों के भरण पोषण हेतु एक निश्चित वेतनमान की मांग कर रहे थे। आश्वासनों के दौरान अब हो जाएगा तब हो जाएगा, देखते देखते 25 वर्ष गुजर गए। प्रदेश के सभी शिक्षक प्रदेश सरकार की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे थे कि सरकार उनकी सुधि लेगी और कम से कम यू जी सी का न्यूनतम वेतनमान देगी, किन्तु पांच सितंबर शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा इनकार कर दिए जाने आहत व दुखी होकर शिक्षकों ने अभी हाल ही में सरकार द्वारा दिए गए कैशलेस चिकित्सा कार्ड वापस करने का फैसला लिया है । इन संविदा शिक्षकों का कहना है कि सरकार से हमें न्यूनतम वेतनमान चाहिए न कि कैशलेस कार्ड। इस अवसर पर संगठन के संरक्षक डॉ अनिल कुमार सिंह , पूर्व महामंत्री डॉ उर्मिलेश सिंह, संगठन मंत्री डॉ घनश्याम दुबे, महाविद्यालय उपाध्यक्ष डॉ योगेंद्र नाथ चौबे, महाविद्यालय अध्यक्ष डॉ अरुण कुमार मिश्र, अरुण कुमार सिंह सहित तमाम शिक्षकगण मौजूद रहें।


























































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