कोर्ट कचहरी से पहले ही प्री-लिटिगेशन स्तर पर सुलझा पारिवारिक विवाद, मध्यस्थता केंद्र ने कायम की सौहार्द की मिसाल
देवरिया।आज उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ‘‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0‘‘ के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया ने एक बिखरते परिवार को पुनः जोड़कर सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल कायम की है। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया श्री धनेन्द्र प्रताप सिंह के कुशल मार्गदर्शन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/सिविल जज (एस0डी0), देवरिया श्रीमती अर्चना-द्वितीय के नेतृत्व में न्यायालय से पूर्व (प्री-लिटिगेशन) स्तर पर पारिवारिक विवाद का निस्तारण मध्यस्थता के माध्यम से लगातार कराया जा रहा है। इसी क्रम में महिला थाना, जनपद देवरिया से प्राप्त प्रकरण नगवंती बनाम सुनील प्रजापति को सौहार्दपूर्ण निस्तारण हेतु मध्यस्थता केंद्र भेजा गया था। मध्यस्थता केंद्र में नियुक्त मध्यस्थ श्री अरविन्द कुमार पाण्डेय के प्रभावी प्रयासों से पति-पत्नी को उनके वैवाहिक व पारिवारिक दायित्वों का बोध कराया गया। मध्यस्थता के परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच चल रहा आपसी मनमुटाव समाप्त हो गया और दोनों ने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपने विवाद को प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही समाप्त कर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर सचिव श्रीमती अर्चना-द्वितीय ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि नागरिक अपने आपसी एवं पारिवारिक विवादों को न्यायालय में जाने से पूर्व प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाएं। उन्होंने कहा कि मध्यस्थता न केवल समय और धन की बचत करती है, बल्कि टूटते हुए रिश्तों को बचाकर समाज में शांति और सौहार्द कायम रखने का सबसे सशक्त माध्यम है।



























































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