महिला किसानों के साथ एक गोष्ठी व वृक्षारोपण
अतरौलिया आज़मगढ़।ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान, यूरोपियन यूनियन, बॉर्नफॉन्डेन एवम् चाइल्ड फंड इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में महिला किसानों के साथ एक संगोष्ठी एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन कृष्णा मैरिज हॉल छितौनी अतरौलिया आजमगढ़ में किया गया । कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डा0 ममता सिंह यादव जिला उद्यान अधिकारी आजमगढ़ रहीं। विशिष्ठ अतिथि के रूप में एकता शेखर, रवि शेखर, केयर फार एयर, रामवचन जी वन विभाग से उपस्थित रहे ।
संस्थान के सचिव राजदेव चतुर्वेदी ने सभी का स्वागत करते हुए संस्था का परिचय एवं विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में विस्तार पूर्वक बताया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला उद्यान अधिकारी डा0 ममता जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा हमें ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाना चाहिए ।और उनका रख रखाव भी करना चाहिए। पौधा रोपण करना ही हमारा काम नहीं है वरन् उस पौधे को पानी देकर बड़ा करना और वो पौधा जबतक पेड़ ना बन जाए उनका संरक्षण करना चाहिए । उन्होंने उपस्थित महिला किसानों को आश्वस्त किया कि जुलाई में उद्यान विभाग के द्वारा उन्हें फलदार पौधे उपलब्ध कराए जायेंगे ।इसके अलावा सभी से आग्रह किया कि आप लोग अपने घरों में गृह वाटिका जरूर लगाएं।
एकता शेखर ने चिपको आंदोलन व राजस्थान के केजरी आंदोलन में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला ।तथा पर्यावरण के संरक्षण में महिलाओं के योगदान व भूमिका पर विस्तार से चर्चा किया। रवि शेखर ने बताया की हमारी बढ़ती हुई लालच ने हमारे पर्यावरण का बहुत नुकसान किया है। हमे अपनी पृथ्वी को आगे की पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण संरक्षण पर पहल करने की जरूरत है।इसी कड़ी में चाईल्ड फंड इंडिया के संदीप जी ने कहा पेड़ हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्षा के समय ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। और लगाकर उनका संरक्षण भी करें। इसी कड़ी में सीता जी परियोजना अधिकारी वाल विकास परियोजना ने प्रकृति के साथ सद्भाव पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि साम के समय हम पेड़ को छूते नहीं हैं। और सुबह ही कुल्हाड़ी लेकर उसे काटने चले जाते हैं। प्रकृति का संरक्षण हम सबका कर्तव्य है। हमें ऐसे पौधे लगाने चाहिए जिनसे पर्यावरण शुद्घ रहे। आज युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे है। वह प्रकृति का महत्व नहीं समझते हैं। युवाओं का यह मुख्य दायित्व है कि वह ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए और उनका संरक्षण करें। पेड़ का कोई मजहब नहीं होता चाहे तुलसी का हो या पीपल का। सबको अपने घर में तुलसी का औषधीय गुणों वाला पौधा लगाना चाहिए। जो पर्यावरण शुद्ध रखता है । संस्था के तरफ से सभी अतिथियों को संविधान की उद्देशिका और तुलसी के पेड़ देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एग्रोजआजमगढ़ महिला फार्मर प्रोड्यूसर कम्पनी के 216 सदस्यों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन संस्थान के सचिव राजदेव चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम में वंदना, ज्योति, बालरूप सोनी, फूला, अंजली, नमन, अम्बुज, नवनीत, दिनेश जान्हवी दत ने सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में महिलाओं ने संकल्प लिया कि हर महिला कम से कम एक पेड़ जरूर लगाएगी।



























































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