मछली संवर्द्धन एवं संरक्षण हेतू विशेष सूचना
मऊ, जिलाधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि वर्षा ऋतु में भारतीय मेजर कार्प मछलियां कतला, रोहू, नैन एवं कारौच तथा विदेशी कार्प ग्रासकार्प, सिल्वर कार्प व कामन कार्प प्रजनन करती हैं। इन मछलियों के सम्वर्धन एवं संरक्षण हेतु उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 प्राविधानों के अन्तर्गत शासनादेश लागू किया जाना अवश्यक है। यह आदेश उन सभी जलाशयों, नदियों की समस्त जल धाराओं पर प्रभावी होगा जो जनपद मऊ की सीमा में है और जिला मजिस्ट्रेट मऊ द्वारा यथाविध व्यक्तिगत अथवा धार्मिक नहीं घोषित किये गये हैं । कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ अथवा कृषि रक्षा एवं व्यापारिक कार्य में प्रयुक्त होने वाले विषैले रसायन से मछली नहीं मारेगा और न ही मारने का प्रयास करेगा। कोई भी व्यक्ति दिनांक 01.07.2022 से 31.08.2022 तक प्रजननशील मछलियों को न तो पकड़ेगा न ही मारेगा और न ही बेचेगा जब तक कि उसके पास मत्स्य विभाग, मऊ द्वारा निर्गत वैध लाइसेंस न हो। साथ ही दिनांक 15.07.2022 से 30.09.2022 तक मत्स्य जीरा अथवा अंगुलिका ( 2 से 10 इंच) आकार की न तो पकड़ेगा और न ही बेचेगा। कोई भी व्यक्ति उक्त निर्देशित क्षेत्र के प्राकृति बहाव को रोकने हेतु कोई अवरोध नहीं लगायेगा और न ही ऐसा करके मत्स्य जीरा अंगुलिका और मछली पकड़ेगा अथवा नष्ट करेगा और न ही पकड़ने अथवा नष्ट करने का प्रयास करेगा। जिलाधिकारी ने कहा की इन आदेशों के उल्लंघन करने वालो के खिलाफ उ०प्र० मत्स्य अधिनियम 1948 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा।



























































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