वरिष्ठ अधिवक्ता कालिकादत्त पाण्डेय के निधन पर एसडीएम की अध्यक्षता में शोक प्रस्ताव, दो मिनट का मौन रखकर किया याद
घोसी।मऊ। कलेक्ट्रेट मऊ एवं तहसील घोसी के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री कालिका दत्त पाण्डेय के हृदयाघात से निधन की खबर से अधिवक्ता समाज में शोक की लहर दौड़ गई। उनके निधन को न्यायिक एवं अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए सोमवार को तहसील घोसी में शोकसभा आयोजित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
एसडीएम अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित शोकसभा में उपस्थित अधिवक्ताओं एवं तहसील कर्मियों ने दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता कालिका दत्त पाण्डेय को दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लगभग 45 वर्षों तक वकालत के क्षेत्र में सक्रिय रहे कालिका दत्त पाण्डेय ने अपनी विद्वत्ता, कानूनी दक्षता और अनुभव के बल पर अधिवक्ता समाज में विशिष्ट पहचान बनाई। वह काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के गोल्ड मेडलिस्ट रहे। लंबे अधिवक्ता जीवन में उन्होंने अनेक मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए अपनी कानूनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
वरिष्ठ अधिवक्ता होने के बावजूद उनका व्यक्तित्व बेहद सरल, सहज और मिलनसार था। कनिष्ठ अधिवक्ताओं के प्रति उनका व्यवहार सदैव सहयोगपूर्ण एवं मार्गदर्शक रहा। उनके निधन से अधिवक्ता समाज ने एक अनुभवी विधिवेत्ता और मार्गदर्शक को खो दिया है।
शोकसभा में तहसीलदार अनीश सिंह, अपर तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव, वरिष्ठ अधिवक्ता शमशाद अहमद, रफीउल्लाह खान, ब्रह्मदेव उपाध्याय, अरविंद सिंह, राजेन्द्र यादव, जनार्दन यादव, अखिलेश सिंह, रमेश श्रीवास्तव, उमाशंकर उपाध्याय, सतीश कुमार पाण्डेय, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव प्रकाश, महामंत्री जयहिंद, पूर्व महामंत्री बृजेश पाण्डेय, राम प्रवेश यादव, वीरेंद्र यादव, पेशकार आशुतोष, आशीष यादव, स्टेनो विपिन समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता एवं तहसील कर्मी मौजूद रहे।

























































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