नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) आज़मगढ़ द्वारा 'हृदय रोग: कारण और निवारण' विषय पर चिकित्सीय संगोष्ठी का आयोजन
आजमगढ़ : कल रात आजमगढ़ के एक होटल के सभागार में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) आज़मगढ़ द्वारा 'हृदय रोग: कारण और निवारण' विषय पर चिकित्सीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी को सर्वप्रथम एम्स के डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज शर्मा ने संबोधित करते हुए हृदय की सामान्य बीमारियों की विस्तृत जानकारी दी और उससे बचाव तथा रोकथाम की व्याख्या करते हुए कहा कि आज की भागमभाग भरी जिंदगी में लोग मानसिक कार्य तो बहुत कर रहे हैं, परन्तु शारीरिक श्रम न के बराबर रह गया है। इसके साथ ही एयर कंडीशनर कमरे में रहना, बाहर का भोजन करना, बुढापा, डाइबिटीज आदि कारणों से हृदय संबंधित बीमारियों का जन्म होता है। हार्ट अटैक के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना ब्लॉक के हार्ट अटैक नहीं हो सकता। और ब्लॉक को दूर करने की चिकित्सा अब उनके माध्यम से आज़मगढ़ में उपलब्ध हो गई है, जिससे यहां के मरीजों को अब बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हृदय की कुछ बीमारियों में मरीज के पास इतना समय भी नहीं होता है कि वे कहीं दूर जाकर चिकित्सा करा सकें। ऐसे मरीजों के लिए भी अब आज़मगढ़ में यह सुविधा उपलब्ध होने से उन्हें लाभ मिलेगा।
इससे पूर्व मुख्य वक्ता डॉ. पंकज शर्मा, नीमा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वी.एस. सिंह, अध्यक्ष डॉ. डी.डी. सिंह, सचिव डॉ. अबु शहमा खान, वोमेन्स फोरम की अध्यक्ष डॉ. आरती सिंह, सचिव डॉ.मनीषा मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम की शरुआत की। तत्पश्चात वैश्विक महामारी कोरोना काल में चिकित्सा कर्मियों के असामयिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर गतात्मा की शांति के लिए प्रार्थना उपस्थित सभी चिकित्सकों द्वारा किया गया। उसके बाद नीमा गीत "क्वचिद अर्थ, क्वचिद मैत्री, क्वचिद धर्म, क्वचिद यश" का सामूहिक गान हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. पंकज शर्मा को पूर्व अध्यक्ष डॉ. वी.एस. सिंह, अध्यक्ष डॉ. डी.डी. सिंह, सचिव डॉ. अबु शहमा खान, डॉ आरती सिंह, डॉ मनीषा मिश्रा, डॉ इमरान अहमद ने बुके देकर सम्मानित किया। उपाध्यक्ष डॉ. मनीष राय ने डॉ. पंकज शर्मा को नीमा बैच लगाकर सम्मानित किया। सभागार में उपस्थित चिकित्सको को संबोधित करते हुए अध्यक्ष डॉ. डी.डी. सिंह ने कोरोना काल में आयुर्वेद की बढ़ती हुई लोकप्रियता की सराहना किया तथा लोगों से इसे अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी दवाओं के दुष्प्रभाव इतने खतरनाक हैं कि आदमी उसे लेने से डरता है। इसके विपरीत आयुर्वेद की दवाएं स्वास्थ्य को लाभ करती हैं और उनका दुष्प्रभाव भी नहीं के बराबर होता है। उन्होंने सभी लोगों से हिंदुस्तान निर्मित दोनों कोविड वैक्सीन लगवाने की अपील करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है। अतः आप सभी कोविड टीकाकरण कराने के लिए लोगों को प्रेरित करें।
संगोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व अध्यक्ष डॉ.वी.एस. सिंह ने और संचालन अकादमिक सचिव डॉ. विनोद कश्यप ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन नीमा के अध्यक्ष डॉ. डी.डी. सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉ देवाशीष शुक्ला, डॉ राजवंत चौहान, डॉ राम चन्द्र, डॉ शैलेश मिश्रा, डॉ शाह खालिद, डॉ उमेश पांडेय, डॉ नईम अहमद, डॉ अबुल बशर, डॉ सुमित गुप्ता, डॉ नोमान अहमद, डॉ वेद प्रकाश सिंह, डॉ बृजेश यादव, डॉ इमरान अहमद, डॉ डी पी सिंह, डॉ अज़ीम अहमद, डॉ जगदीश यादव, डॉ अबु शहमा खान, डॉ मनीष राय, डॉ हरि प्रसाद राय, डॉ मो.काज़िम, डॉ शहज़ाद आलम, डॉ मो नदीम, डॉ मो आरिफ, डॉ बेलाल अहमद, डॉ अफ़ज़ल रईस, डॉ मो कैश, डॉ संतोष चौहान, डॉ विजय शंकर, डॉ संध्या सिंह, डॉ अनुप्रिया गुप्ता, डॉ मनीषा मिश्रा, डॉ मो अब्दुल्लाह, डॉ शहाबुद्दीन, डॉ अजय कुमार, डॉ विक्रम सिंह बागरी, डॉ विवेक सिंह पटेल, डॉ प्रदीप सरोज, डॉ देवाशीष सत्पथी, डॉ सौरभ यादव, डॉ संतोष कुमार सिंह, डॉ अनिल कुमार सिंह, डॉ आरती सिंह, डॉ मो ताहिर, डॉ शाहनवाज आलम खान आदि सहित नीमा के पदाधिकारीगण और जिले के कोने कोने से आए चिकित्सकगण उपस्थित रहे।



























































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