श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा सुन झूम उठे श्रद्धालु
देवरिया।बरहज तहसील क्षेत्र के ससरांव ग्राम सभा ससरांव में चल रहे श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान महायज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्री कृष्ण का प्राकट्य उत्सव (जन्मोत्सव) अत्यंत हर्षोल्लास, श्रद्धा और धूमधाम के साथ संपन्न हुआ।
कथा व्यास पूज्य आचार्य मनमोहन मिश्र ने कथा के दौरान सनातन संस्कृति के दो महान वंशों—सूर्यवंश और चंद्रवंश की महिमा का दिव्य वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने सूर्यवंश में जन्म लेकर सत्य, त्याग और धर्म के उच्च आदर्श स्थापित किए, वहीं लीला पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण ने चंद्रवंश (यदुवंश) में अवतार लेकर अपनी बाल लीलाओं और धर्म-संस्थापना के माध्यम से अधर्म का नाश किया। कथा व्यास ने जोर देकर कहा कि जब-जब पृथ्वी पर पाप और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान भक्तों के कल्याण हेतु रूप धारण करते हैं।
जैसे ही कथा के दौरान बाल-गोपाल के प्राकट्य का प्रसंग आया, पूरा पंडाल "नंद घर आनंद भयौ, जय कन्हैया लाल की" के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर और भजनों की धुन पर झूमकर अपनी खुशी व्यक्त की।
इस भव्य एवं अलौकिक धार्मिक आयोजन के अवसर पर रवि सिंह, दुर्गा सिंह, रमेश सिंह, इंदु सिंह तथा कामेश्वर पांडे सहित क्षेत्र के सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। महाआरती के उपरांत सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।


























































Leave a comment