अफसर लेते विद्युत चोरी का संज्ञान तो नहीं जाती अरुण की जान
महाराजगंज आजमगढ़ ।स्थानीय थाना क्षेत्र के सैदपुर गांव में एक व्यक्ति द्वारा अपने खेत में लगाये गये नंगे तार की बाढ़ में करंट प्रवाहित किये जाने से उसकी चपेट में आकर गांव निवासी 10 वर्षीय बालक अरुण यादव की मौत हो गई । घटना के बाद विद्युत विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए बुधवार को मौके का निरीक्षण कर मुकदमा दर्ज कराने की बात कहते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश करते नजर आए ।
गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी एक सत्ताधारी दल के प्रभावी नेता के विद्यालय में रसोईया के पद पर कार्यरत है । उक्त नेता के संरक्षण के चलते वह आसपास के लोगों के साथ हठधर्मिता से पेश आता था और पिछले एक सालों से उसने अपने खेत आम के पेड़ और उपले में लोहे का तार लगाकर सीधे ट्रांसफार्मर से जोड़कर करंट प्रवाहित करता था । गांव वालों ने दबे तौर पर इसका विरोध किया किंतु उक्त प्रभावशाली नेता के डर से लिखित शिकायत करने का साहस किसी में नहीं हुआ । इस विद्युत चोरी का संज्ञान विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी था क्योंकि आए दिन सद्भावी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग व विद्युत चेकिंग के लिए गांवों में जाते रहते हैं, किंतु उन्होंने भी उक्त नेता के आगे नतमस्तक होते हुए आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया । आरोपी मुख्य मार्ग से मात्र तीन से चार फीट दूर अपने खेत के किनारे बाढ़ लगा रखा है । उसी रास्ते से आम लोगों के साथ स्कूली छात्रों का आवागमन होता है जिसकी चपेट में आकर कभी भी कई बच्चों की जान जान जा सकती थी । आखिरकार अरुण ने अपनी जान गंवाकर इस घटना का खुलासा किया । अब देखना होगा कि विद्युत विभाग के अफसर अभी भी जिम्मेदारियां से पल्ला झाड़ते हैं अथवा कार्यवाही करते हैं ।
उक्त संबंध में जानने के लिए स्थानीय उपकेंद्र के अवर अभियंता रोहित राव से फोन पर कई बार संपर्क किया गया किंतु हर बार की तरह इस बार भी उनका फोन रिसीव नहीं हुआ । एसडीओ संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि आरोपी द्वारा अवैध ढंग से ट्रांसफार्मर से सीधे बाड़ के तार में विद्युत जोड़ी गई थी । इसकी जांच कराई गई है और जल्द ही आरोपी के विरुद्ध गलत ढंग से विद्युत उपयोग करने का मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा ।

























































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