सरयू नदी बढ़ने से बढ़ी पशुओं को चारा की समस्या, नाव के सहारे नदी पार करने को ग्रामीण मजबुर
देवरिया।लार , चुरिया-नदौली के दियारा क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों और पशुपालकों को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है । दियारा क्षेत्र को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए पुल की सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अपने कार्य कार्य के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार करना पड़ रहा है।
दियारा क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों की खेती है जिस पर पशुपालक निर्भर हैं। नदी का पानी बढ़ने से पशुओं के लिए चारा इकट्ठा करना चुनौती बन गया है। पशुओं के लिए चारा और अन्य आवश्यक सामान किसान जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे हैं।
जलस्तर बढ़ने के बीच इस तरह नदी पार करना बेहद जोखिम भरा है। इसके बावजूद खेती-किसानी और पशुओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए ग्रामीणों के पास कोई दूसरा चारा नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद दियारा क्षेत्र के लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ जाती है। पुल नहीं होने के कारण आवागमन नाव के भरोसे हो जाता है।
किसान रामायण, आशीष यादव , राजू यादव ,मनोज यादव, सुरेश यादव, नगेंद्र यादव, पम्मू बाबा, अमरेश तिवारी, अशोक, राम आशीष यादव, धर्मेंद्र, जितेंद्र, धीरेंद्र, प्रमोद और रामनारायण आदि ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से दियारा क्षेत्र को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए पुल निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियों से स्थायी रूप से राहत मिल सकेगा।
























































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