बच्चों को लेने जा रहे स्कूल वाहन में लगी आग, जलकर ख़ाक ,ग्रामीण इलाकों में डग्गामार वाहनों से जान जोखिम में डालकर ढोए जाते हैं भूसे की तरह स्कूली बच्चे
आजमगढ़। मेंहनगर तहसील मुख्यालय एवं बीआरसी कार्यालय से महज पांच किमी० दूर मेंहनगर- छतवारा मार्ग पर देवईत ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित नीजी विद्यालय में पढ़ाई करने वाले बच्चों को लेकर बुधवार की सुबह विद्यालय जा रहा स्कूल से वाहन रास्ते में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। यह देख वाहन में सवार बच्चों ने किसी तरह वाहन से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे वहीं स्कूल वाहन जलकर खाक हो चुके वाहन को तिरपाल से ढंककर मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किए लेकिन विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक बदहवास हालत में वहां पहुंच गए। बच्चों को सकुशल देख अभिभावकों ने राहत की सांस ली और ईश्वर को धन्यवाद देते हुए बच्चों को लेकर घर लौट गए। इस तरह दैवीय कृपा से बिलरियागंज के नसीरपुर क्षेत्र में कई वर्ष पूर्व में हुई इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति होने से बच गई।
मेंहनगर क्षेत्र के देवईत ग्राम पंचायत क्षेत्र में स्थित माता फुलझारी देवी पब्लिक स्कूल का वाहन प्रतिदिन की भांति बुधवार की सुबह स्कूली बच्चों को लेकर विद्यालय जा रहा था। विद्यालय के समीप पहुंच चुके स्कूल वाहन में जैसे ही धुंआ निकलना शुरू हुआ कि उसमें सवार बच्चे चीखते हुए वाहन से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। देखते ही देखते स्कूल वाहन धू-धूकर जल उठा। यह देख मौके पर तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई। पूरी तरह खाक हो चुके वाहन को छिपाने के लिए मौके पर जुटे स्कूल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने घटनास्थल से मैजिक वाहन को विद्यालय परिसर में तिरपाल से ढककर रख दिया। घटना को देख वहां मौजूद लोगों में स्कूल वाहन को गैस से चलाए जाने की चर्चा जोरों पर रही। इस बाबत पूछे जाने पर विद्यालय के प्रबंधक पारस यादव ने बताया कि प्रथम पाली में स्कूली बच्चों को विद्यालय छोड़कर स्कूल वाहन दोबारा बच्चों को गांवो में लेने जा रही थी। जिस समय यह घटना हुई वाहन में बच्चे नहीं थे और वाहन गैस से नहीं बल्कि डीजल से चलाया जाता है। जबकि सूचना पाकर मौके पर पहुंचे प्रेस के लोगो ने जब तिरपाल से ढके व जले वाहन का फोटो लेना चाहे तो उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया गया। इस बाबत खंड शिक्षा अधिकारी रविकेश कुमार से पूछे जाने पर बताया गया कि विद्यालय के मान्यता संबंधी कागजातों की जांच के साथ जले हुए वाहन के नंबर का मिलान कर परिवहन विभाग से सत्यापन के साथ डीजल क्रय की भी जांच कराई जाएगी।
























































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