श्री राम कथा का हुआ समापन
देवरिया।स्थानीय बरहज नगर में योगीराज अनंत महाप्रभु जयंती महोत्सव के अंतिम दिन सायं कालीन सभा में वाराणसी से पधारे हुए कथा व्यास डॉ योगेंद्र नाथ चौबे ने श्रद्धालुओं को प्रभु श्री राम और सेवरी मिलन की कथा का रसपान करते हुए कहा कि सीता की खोज के समय भगवान भक्ति मति सेवरी के आश्रम पर पहुंचे सेवरी ने अपने गुरु के आजा अनुसार आश्रम में रहकर प्रभु श्री राम के आने की प्रतीक्षा कर रही थी प्रभु की प्रतीक्षा में शवरी बुजुर्ग हो चुकी थी जैसे ही भगवान शवरी के आश्रम में पहुंचे शवरी भगवान के चरणों में गिर गई भगवान ने माता सवारी को उठा लिया शवरी ने भगवान को जलपान कराया भगवान ने कहा की सवारी तुम मुझसे कुछ मांग लो शिवरी ने कहा प्रभु मैं अधम जाति में जन्म लिया है और दूसरे में नारी हूं
अधम से अधम अधम ते नारी।
तापर मैं मतिमंद गवारी।
प्रभु श्री राम ने कहा की भक्तिमति सवरी मेरी बात सुनो, सुन कामिनी मोर एक बाता।
मानऊ मोही भगति कर नाता।।
मानो भगवान ने सेवरी से कहा कि जाति, पाति, कुल, धर्म ,बढाई, से कुछ नहीं लेना है मुझे तो जगत के जीवों से भक्ति का नाता है और भगवान ने सेवरी को नवधा भक्ति का उपदेश दिया और कहा कि
प्रथम भगत संतन कर संगा।
दूसर रति मम कथा प्रसंगा।
भगवान ने कहा कि मुझे नव भक्ति में अगर किसी भी मनुष्य के अंदर एक भी भक्ति होगी तो वह मेरे लिए प्रिय होगा आपके अंदर तो नौ गुण विद्यमान है इसलिए आप मुझे परम प्रिय हैं।
कथा के दौरान अनंत पीठ आश्रम बरहज के पीठाधीश्वर आंजनेय दास जी महाराज, प्रेम शंकर पाठक, अशोक कुमार शुक्ला, कृष्ण मुरारी तिवारी, परशुराम पांडे, ओमप्रकाश दुबे, हरिशंकर पांडे,अभय कुमार पांडे, अनमोल मिश्रा, मानस मिश्रा, प्यारे मोहन सोनी, सहित काफी संख्या में श्रद्धालु जन उपस्थित रहे।
मंच संचालन विनय मिश्र ने किया।


























































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