ई-रिक्शा चालकों की मनमानी से बेलपार ढाले पर घंटों लगा जाम
देवरिया। स्थानीय भाटपार रानी नगर के बेलपार ढाले पर मंगलवार दोपहर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी के चलते घंटों जाम की स्थिति बनी रही। चिलचिलाती धूप के बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे गंभीर स्थिति उस समय बन गई, जब एक इमरजेंसी मरीज को लेकर जा रही सरकारी एंबुलेंस जाम में फंस गई। एंबुलेंस चालक काफी देर तक हूटर बजाकर रास्ता खाली कराने का प्रयास करता रहा, लेकिन जाम के कारण उसे आगे बढ़ने में काफी समय लगा।
बताया जाता है कि मंगलवार को करीब 12:40 बजे बेलपार ढाले पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक सवारियों के इंतजार में सड़क के किनारे और आसपास लाइन लगाकर खड़े हो गए। धीरे-धीरे वाहनों की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते आवागमन प्रभावित हो गया। सड़क पर दोनों तरफ वाहनों के फंसने से जाम की स्थिति गंभीर होती चली गई।
जाम हटाने के लिए यातायात ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड एवं पीआरडी जवान काफी देर तक मशक्कत करते नजर आए। जवानों द्वारा ई-रिक्शा चालकों और अन्य वाहन चालकों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया, लेकिन अव्यवस्थित तरीके से खड़े ई-रिक्शों के कारण यातायात व्यवस्था सामान्य होने में काफी समय लगा।
इसी दौरान क्षेत्र भ्रमण पर निकले देवरिया जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी भी इसी मार्ग से बेलपार ढाले पर पहुंचे। जाम के कारण जिलाधिकारी के वाहन को भी कुछ देर परेशानी का सामना करना पड़ा। जिलाधिकारी के काफिले के पहुंचने के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी जाम को लेकर चर्चा होती रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बेलपार ढाला नगर का प्रमुख आवागमन मार्ग है। यहां ई-रिक्शा चालकों द्वारा सड़क पर बेतरतीब ढंग से वाहन खड़े करने और सवारियों के इंतजार में मुख्य मार्ग पर ही रुकने से आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न होती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ई-रिक्शों के लिए निर्धारित स्थान तय करने, सड़क पर अनावश्यक खड़े वाहनों पर कार्रवाई करने और ढाले पर यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जाए, ताकि एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों को जाम में न फंसना पड़े।

























































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