आजमगढ़ पुलिस में बड़ा फेरबदल: दो थानाध्यक्ष निलंबित, छह उपनिरीक्षकों के बदले कार्यक्षेत्र
•लंबित विवेचनाओं के निस्तारण में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना पर एसएसपी डॉ. अनिल कुमार की बड़ी कार्रवाई
आजमगढ़। जनपद की पुलिस व्यवस्था में मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल सामने आया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, विवेचनाओं को लंबित रखने, निर्धारित समय सीमा में मामलों का निस्तारण नहीं करने तथा उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देशों की अवहेलना के आरोप में अहरौला और अतरौलिया थाने के थानाध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पुलिस विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अहरौला थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक ना.पु. मंतोष सिंह तथा अतरौलिया थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक ना.पु. देवेंद्र नाथ दुबे के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों पर अपने पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता बरतने के साथ-साथ विवेचनाओं के निस्तारण में रुचि नहीं लेने के आरोप पाए गए हैं।
लंबित विवेचनाओं को लेकर सख्ती
एसएसपी की कार्रवाई का सबसे प्रमुख आधार विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही बताया गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों थानों में तैनाती के दौरान कुछ विवेचनाओं को लंबित रखा गया और निर्धारित समय के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित नहीं किया गया।
इसके साथ ही उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए आदेश एवं निर्देशों के अनुपालन में भी लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। पुलिस विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए दोनों थानाध्यक्षों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई जारी
निलंबन के साथ ही दोनों उपनिरीक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। यानी मामला केवल तत्काल निलंबन तक सीमित नहीं है, बल्कि विभागीय स्तर पर आरोपों की जांच और आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
एसएसपी की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पुलिस विभाग में लंबित विवेचनाओं और अधिकारियों द्वारा उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन को लेकर अब सख्ती बढ़ाई जा रही है।
छह उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र भी बदले
इसी क्रम में आजमगढ़ पुलिस विभाग में छह उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदलने के आदेश भी जारी किए गए हैं। अधिकारियों को नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण कर विभागीय निर्देशों के अनुसार कार्य करने के आदेश दिए गए हैं।
यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब आजमगढ़ पुलिस में लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों के समयबद्ध समाधान और पुलिसिंग में जवाबदेही पर लगातार जोर दिया जा रहा है। हाल ही में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनसुनवाई के दौरान भी अधिकारियों को शिकायतों का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
लापरवाही पर आगे भी होगी कार्रवाई
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलिस विभाग की ओर से सभी पुलिसकर्मियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सचेत किया गया है। भविष्य में इस तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
क्यों महत्वपूर्ण है कार्रवाई?
पुलिस व्यवस्था में विवेचना किसी भी आपराधिक मामले की कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। विवेचना में अनावश्यक देरी होने से पीड़ितों को न्याय मिलने में विलंब हो सकता है और मुकदमों की प्रभावी पैरवी भी प्रभावित होती है। आजमगढ़ मंडल में लंबित विवेचनाओं को लेकर पहले भी अधिकारियों द्वारा समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए जाते रहे हैं।
ऐसे में अहरौला और अतरौलिया के थानाध्यक्षों पर हुई कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और समयबद्ध विवेचना को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस विभाग की कार्रवाई के बाद अब दोनों थानों की कमान और नई तैनाती व्यवस्था पर भी निगाहें रहेंगी।


















































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