युवाओं में राष्ट्रभाव और भारतीय संस्कार का होना जरूरी : संकर्षण जी
•बरहज में आयोजित हुआ "युवा संवाद" कार्यक्रम
देवरिया।बरहज नगर स्थित बाबा राघवदास भगवानदास स्नातकोत्तर महाविद्यालय आश्रम बरहज, देवरिया के बाबा राघवदास सभागार में सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की भूमिका, राष्ट्रनिर्माण, भारतीय संस्कृति एवं संस्कार सहित समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विमर्श गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रमुख तथा गोरखपुर विभाग के विभाग बौद्धिक शिक्षण प्रमुख संकर्षण जी ने कहा कि युवा देश के भविष्य ही नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं को अपने जीवन में राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के निर्माण में करें। संस्कारवान एवं चरित्रवान युवा ही सशक्त और समर्थ भारत के निर्माण का आधार बन सकते हैं।
अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. शम्भुनाथ तिवारी ने कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की दिशा और दशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं में चरित्र, कर्तव्यबोध, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास करना भी है। भारतीय संस्कृति के मूल्यों को आत्मसात कर युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं।
कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरविन्द पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। प्रारंभ में राष्ट्रगान तथा समापन राष्ट्रगीत के साथ किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मंजू यादव, सह जिला प्रचारक दौलत , नगर कार्यवाह भवेश बरनवाल, डॉ. विनय तिवारी, हरिप्रकाश जायसवाल, संदीप मद्देशिया, विवेक वर्मा, प्रदुम्न वर्मा, किशन मद्देशिया, विनय मिश्र, रामकुमार 'संत ', तेजनारायण यादव, डॉ.रामकुमार , सत्यनारायण पांडेय, सोनाली सोनकर, खुशबू सोनकर सहित महाविद्यालय के शिक्षक, स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।


























































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