देवरिया जिलाधिकारी ने किया सीएचसी लार व पीएचसी भागलपुर का औचक निरीक्षण, चिकित्सक व कर्मचारी मिले गायब
देवरिया ।लार के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों व कर्मचारियों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो गई। शुक्रवार सुबह जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने अचानक सीएचसी लार व पीएचसी भागलपुर का निरीक्षण किया। दोनों जगहों पर डॉक्टर समेत कई कर्मचारी कुर्सियां खाली छोड़कर नदारद मिले। डीएम के अचानक पहुंचने से अस्पतालों में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी शुक्रवार सुबह 8 बजे सीएचसी लार पहुंचे। निरीक्षण के दौरान चिकित्सक समेत 20 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। मरीज ओपीडी के बाहर लाइन लगाए खड़े थे, लेकिन डॉक्टर-कर्मचारी न होने से इलाज ठप था। जिलाधिकारी को देखकर अस्पताल में खलबली मच गई। आनन-फानन में गायब कर्मचारियों को फोन कर बुलाया जाने लगा। जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर व दवा स्टॉक भी चेक किया।
बिना गार्ड के पैदल पहुंचे, पहचान नहीं पाए लोग
बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी निरीक्षण के लिए सीधे अस्पताल नहीं गए। लार सीएचसी से करीब 150 मीटर पहले उन्होंने गाड़ी खड़ी कर दी। बिना अर्दली और गार्ड के पैदल ही अस्पताल पहुंच गए। आम मरीजों की तरह अंदर गए, इसलिए कई कर्मचारी व मरीज उन्हें पहचान नहीं पाए। इससे अनुपस्थित कर्मचारियों की असलियत सामने आ गई।
भागलपुर पीएचसी में भी मिली लापरवाही
सीएचसी लार के बाद जिलाधिकारी भागलपुर पीएचसी पहुंचे। यहां भी 4 से अधिक कर्मचारी गायब मिले। पीएचसी पर तैनात स्टाफ की संख्या कम होने के कारण मरीजों को दवा व जांच के लिए भटकना पड़ रहा था। जिलाधिकारी ने दोनों अस्पतालों के प्रभारी चिकित्साधिकारियों से अनुपस्थित कर्मचारियों का स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के लिए हैं। ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिया कि अस्पतालों में नियमित जांच कराई जाए और मरीजों को समय पर इलाज मिले।


























































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