आजमगढ़ में फर्जी जमीन का बड़ा फर्जीवाड़ा: सिधारी पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना को धर दबोचा, गैंगस्टर एक्ट में भेजा जेल
आजमगढ़ उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में पुलिस को अपराधियों और भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल हुई है। सिधारी थाना पुलिस ने जमीन दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित आपराधिक गिरोह के सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अनिल कुमार के कड़े निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने आरोपी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत शिकंजा कसा और उसे जेल भेज दिया।
देर रात घेराबंदी कर हुई गिरफ्तारी
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिधारी पुलिस की टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद उप-निरीक्षक (SI) मृत्युंजय सिंह, कांस्टेबल रामहरीश यादव और कांस्टेबल हिमांशु की टीम ने देर रात करीब 00:50 बजे भंवरनाथ रोड, बैठौली के पास घेराबंदी की। पुलिस ने मौके से गैंगस्टर एक्ट में वांछित चल रहे शातिर अभियुक्त अभिनव सिंह उर्फ मंटू (41 वर्ष) पुत्र जयप्रकाश सिंह, निवासी तिवारीपुर (थाना सिधारी) को दबोच लिया।
फर्जी खतौनी और बाउंस चेक का सिंडिकेट खेल
पुलिस जांच में आरोपी के काम करने के तरीके (Modus Operandi) का सनसनीखेज खुलासा हुआ है:
- फर्जी दस्तावेजों का जाल: अभिनव सिंह उर्फ मंटू अपनी सह-अभियुक्ता ऋतिका सिंह के साथ मिलकर एक संगठित गैंग चलाता था। यह गिरोह खरीदारों को दूसरों की या विवादित जमीन दिखाकर फर्जी खतौनी के सहारे भरोसे में लेता था और मोटी रकम ऐंठ लेता था।
- चेक बाउंस और धमकियां: जब पीड़ित रजिस्ट्री न होने पर अपने रुपये वापस मांगते थे, तो उन्हें बाउंस होने वाले फर्जी चेक दे दिए जाते थे। इसके बाद भी रकम मांगने पर आरोपियों द्वारा पीड़ितों के साथ गाली-गलौज की जाती थी और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
मुकदमों और ठगी का ब्योरा
अभियुक्त पर पूर्व से ही धोखाधड़ी, धमकी और आर्म्स एक्ट समेत 5 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में पुलिस के सामने आए तीन प्रमुख मामलों में करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ:
| थाना | मुकदमा अपराध संख्या (Cr. No.) | ठगी की कुल रकम |
|---|---|---|
| सिधारी | मु0अ0सं0 431/2025 | ₹50 लाख |
| कोतवाली | मु0अ0सं0 259/2025 | ₹25 लाख |
| सिधारी | मु0अ0सं0 216/2025 | ₹35 लाख |
लगातार सामने आ रही आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने पूरे गिरोह का गैंगचार्ट तैयार किया। इसके बाद 25 सितंबर 2026 को थाना सिधारी में धारा 2(ख)(1)/3(1) उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मु0अ0सं0 391/2026 दर्ज किया गया था।
पुलिस का बयान: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। गिरोह की सह-अभियुक्ता की तलाश में दबिश दी जा रही है। साथ ही, गैंगस्टर एक्ट के तहत इस गिरोह द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्तियों का ब्योरा जुटाकर उन्हें जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया भी अमल में लाई जाएगी।


























































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