दो दिवसीय उर्स हाफिज़ मिल्लत सम्पन हुआ इस मौके पर 512 विद्यार्थियों तोलबा समेत 6 विदेशी तोलबा को पगड़ी बांधकर दिया उपाधि
आज़मगढ़ के मुबारकपुर मे 50 एकड़ के विशाल कैपस जामिया अशरफिया यूनिवर्सिटी अलजामे अतुल अशरफिया मुबारकपुर के संस्थापक एवं महान सूफी संत हुजूर हाफ़िज़ ए मिल्लत मौलाना शाह अब्दुल अज़ीज़ मुरादाबादी के 47 वें उर्स पाक के दूसरे दिन देर रात कुल शरीफ कार्यक्रम के बाद 512 छात्रों की दस्तार बन्दी कर पगड़ी उलमाओं के मुक़द्दस हाथों से बाँधी गयी ।और दो रोज़ा उर्स सम्पन हुआ । जिन छात्रों को उपाधि दी गयी उनमे 200 से ऊपर मौलाना, 250 हाफ़िज़ व कारी समेत 512 देश विदेश के 7 छात्रों के सर पगड़ी बाँधी गयी ।जिस समय दस्तार बन्दी एवं कुल शरीफ 11 बजकर 55 मिनट के दौरान लाखों जायरीनों की आँखें नम रही और भावभीन खेराजे अकीदत पेश किया गया। रात जामिया अशरफिया के कुलपति सरबराहे आला मौलाना अब्दुल हफ़ीज़ साहब की अध्यक्षता में जलसा का आयोजन हुआ जिसमे में देश विदेश के प्रसिद्ध उल्माओं ने भाग लिया जिसमे पूर्व सांसद मौलाना ओबैदुल्लाह खान आज़मी, लन्दन से आये इस्लामिक वल्ड मिशन के महासचिव मौलाना कमरूजज़मा आज़मी, सैय्यद जलालुद्दीन अशरफी जिलानी अंबेडकर, डॉ गुलाम यहिहा दिल्ली हमदर्द यूनिवर्सिटी मौलाना यासीन अख्तर मिस्बाही दिल्ली, मौलाना इदरीस बस्तवी. इंजीनियर मौलाना फजलुल्लाह चिश्ती दिल्ली, मौलाना मकबूल अहमद मिस्बाही, मौलाना आरिफ इकबाल मधुबनी , मौलाना मुबारक हुसैन मिस्बाही, मौलाना नईमुद्दीन अज़ीज़ी, मौलाना ज़ाहिद सलामी, मुफ़्ती मौलाना नेज़ामुद्दीन , मुफ़्ती अब्दुल हक़, मौलाना मुजाहिद हुसैन हबीबी मिस्बाही , कोलकाता, समेत दर्जनों नामचिन मौलानाओं की उपस्थिति में उर्स पाक सम्पन हुआ
उर्स के अंत में अशरफिया के कुलपति मौलाना अब्दुल हफ़ीज़ साहब ने सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया और ज़िला पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद दिया कि पुलिस टीम ने भी पूरा पूरा सहयोग देकर उर्स को शान्ति पूर्वक सम्पन कराया। अंतिम दिन सुबह से ही अपने पुरे शबाब पर रहा।जायरीनों की लाखों की भीड़ से अशरफिया का परिसर खचाखच भरा हुआ था। इसमें महिलाओं की उपस्थिति शून्य रही क्यों कि उनको प्रवेश वर्चित है।देश विदेश से आये जायरीनों ने भाग लेकर हाफ़िज़ ए मिल्लत की मज़ार पर फातेहा व चादर पोशी का सिलसिला जारी रहा । उर्स को सकुशल संपन्न कराने केलिए ज़िला प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी की ब्यवस्था रही और आधा दर्जन थानों की पुलिस एवं दो प्लाटून पीएसी लगी रही थी।
जामिया के नाज़िम ए आला हाजी सरफ़राज़ अहमद अंसारी अपने प्रबन्धक समितियों के साथ पूरी तरह उर्स में डटे रहे और सभी मेहमानों का स्वागत में लगे रहे।



























































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