लोक अदालतों में गूंजा फरियादियों की आवाज़
आजमगढ़ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आजमगढ़ के तत्वाधान में आज जनपद न्यायालय परिसर आजमगढ़ में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन मा0 जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ दिनेश चंद की अध्यक्षता में माँ सरस्वती के प्रतिमा के समक्ष दीपार्चन एवं पुष्पार्चन करके नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत ओम प्रकाश वर्मा- III एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ सुश्री अनीता की देख - रेख में किया गया।
इस अवसर पर सभी सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण व उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कियाl
मा0 जनपद न्यायाधीश ने लोक अदालत की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक ऐसा माध्यम है जिसमें किसी पक्ष की हार नहीं होती और सिविल मामलों में कोर्ट फीस भी सम्बन्धित पक्ष को वापस हो जाती है। माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा कुल 17 वादों का निस्तारण किया गया।
लालता प्रसाद द्वितीय, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय द्वारा 41 वादों सहित कुल 73 वादों का पारिवारिक न्यायालय द्वारा निस्तारण किया गया। श्रीमती रेनू राव, न्यायाधीश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 39 वादों का निस्तारण किया गया। शिवचन्द अपर जिला न्यायाधीश, न्यायालय संख्या-01, द्वारा कुल 03 वादों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक न्यायालय द्वारा अलग रह रहे दम्पत्तियों के वादों का निस्तारण कराकर उनको एक साथ रहने का तथा दम्पत्तियों को आशीर्वाद देकर व माला पहनाकर विदा किया गया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 1736 वादों का निस्तारण किया गया तथा 411000 रू0 की धनराशि का अर्थदण्ड आरोपित किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों तथा बी.एस.एन.एल. द्वारा भी स्टाल लगाकर प्री-लिटिगेशन के 1560 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 44349400 रु0 का समझौता किया गया, जिसमें से 16869084 रू0 वसूल किया गया। इस प्रकार इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 71872 वादों में से 43677 वादों का निस्तारण किया गया।

























































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