RAHAT योजना लागू, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक मिलेगा मुफ्त कैशलेस इलाज
बड़ी खबर: आजमगढ़ में PM-आजमगढ़। सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार की PM-RAHAT (प्रधानमंत्री राहत) योजना अब आजमगढ़ जनपद में पूरी तरह लागू हो गई है। इसके तहत सड़क हादसों में घायल व्यक्तियों को जिले के सभी सरकारी अस्पतालों तथा सूचीबद्ध 20 निजी अस्पतालों में 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने बताया कि जिले के सभी सरकारी चिकित्सालय इस योजना में स्वतः शामिल हैं। इनमें राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर, मंडलीय जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, 100 शैय्या चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) शामिल हैं।
योजना में शामिल 20 निजी अस्पताल
- आदित्य विक्रम सिंह स्मृति हॉस्पिटल, लालगंज
- आनंद हॉस्पिटल, मुकेरीगंज
- बीएचएस हॉस्पिटल, अतरौलिया
- ग्लोबल मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, सिधारी
- लाइफ लाइन हॉस्पिटल, मड़या
- लोटस मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मड़या
- एम.के. राय दीप आदर्श हॉस्पिटल, ठेकमा
- नेशनल सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, हाफिजपुर
- प्रकाश नर्सिंग होम, सिविल लाइंस
- आर एंड के मेमोरियल हॉस्पिटल, भौवनाथ
- रामा हॉस्पिटल, लालगंज
- रामा मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, नरौली
- शारदा पॉली क्लीनिक, सिधारी
- शिवा हॉस्पिटल, करतारपुर
- ताहिर मेमोरियल हॉस्पिटल, फूलपुर
- वेदांता हॉस्पिटल, बिलरियागंज रोड
- विजय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लछीरामपुर
- हीरा हेल्थ केयर, बरदह
- डॉ. इम्तियाज न्यूरो हॉस्पिटल, मुकेरीगंज
- एच.एम. सर्जिकल हॉस्पिटल, बिलरिया की चुंगी
योजना के अंतर्गत एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं प्रमुख जिला मार्गों पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ित पात्र होंगे। घायल को अस्पताल में भर्ती करते ही उपचार शुरू किया जाएगा और मरीज अथवा उसके परिजनों को प्रारंभिक रूप से कोई भुगतान नहीं करना होगा।
सीएमओ डॉ. एन.आर. वर्मा ने स्पष्ट किया कि सूचीबद्ध सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों के लिए घायल का तत्काल इलाज करना अनिवार्य है। यदि कोई अस्पताल इलाज में देरी करता है या योजना का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध सख्त वैधानिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने आमजन से अपील की कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति को बिना देर किए निकटतम सूचीबद्ध अस्पताल पहुंचाएं, ताकि समय पर उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सके।

























































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