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म्रुत्यु तिथि की जांच हंगामा होने से बे नतीजा ,एसडीएम के आदेश पर जांच करने आये ब्लाक कर्मियों पर लगा पक्षपात का आरोप


माहुल(आज़मगढ)फूलपुर तहसील क्षेत्र के निजामपुर गाँव मे एक व्यक्ति की सही मृत्यु तिथि के लिए 30 वर्षो से चल रहे विवाद के मद्देनजर गुरुवार को जांच करने पहुची ।जांच टीम हंगामे के कारण वापस चली गई।जिससे सही मृत्यु तिथि का फैसला नही हो सका।
निजामपुर गाँव निवासी स्वारथ पुत्र रामबरन की मृत्य सन 1975 में हो गई थी।इस सम्बंध में वहाँ के दुलारी देवी व विभूति प्रसाद के मध्य मृत्यु तिथि को अलग अलग बताते हुए विवाद चल रहा।विभूति पक्ष यह तिथि 16-10-1975 व दुलारी पक्ष 19-10-1975 बताते हुए 30 वर्षो से उपजिलाधिकारी फूलपुर के यहां वाद दायर कर दिया जो कि चल रहा ।
सुनवाई करते हुए उपजिलाधिकारी फूलपुर रावेंद्र सिंह ने सहायक विकास अधिकारी पवई की अगुआई में एक तीन सदस्यीय जांच टीम बना कर निजामपुर भेजा।जांच टीम ग्रामीणों का बयान दर्ज कर ही रही थी कि दुलारी पक्ष के लोगो ने जांच टीम पर यह आरोप लगाया कि ये ग्रामीणों का बयान सही ढंग से दर्ज नही कर रहे और पक्षपात कर रहे ।दुलारी पक्ष के लोगो का कहना था कि स्वारथ की मृत्यु जब हुई तो मेरा ही परिवार उनके पास मौजूद रहा।रामलोचन हमारे चाचा भी साथ थे ।दूसरे पक्षकार विभूति का घर एक किलोमीटर दूरी पर है।ये अनावश्यक ही संपत्ति हड़पने की नीयत से फर्जी मृत्यु तिथि का फर्जी कागजात बनवाकर अनावश्यक ही दो दशक से अधिक समय से परेशान कर रहे। जिससे हंगामा शुरू हो गया और दोनों पक्ष आमने सामने हो गए।किसी तरह से लोगो ने हंगामे को शांत कराया।उधर जांच टीम बेनतीजा ही हंगामे के कारण पांच बजे शाम को वापस चली गई।
इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी लालजीत,वीरेंद्र शाही,राममिलन निजामपुर की प्रधान स्नेह लता, सहित गाँव के सैकड़ों लोग रहे।


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