चलती बस में सुरक्षित प्रसव, स्टाफ नर्स की सूझबूझ से बची मां और नवजात शिशु की जान
देवरिया। मानवता, सेवा भावना और कर्तव्यनिष्ठा की एक प्रेरणादायक मिसाल उस समय देखने को मिली जब लार से देवरिया आ रही एक बस में गर्भवती महिला शकुंतला देवी को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। संयोगवश उसी बस में महार्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया की स्टाफ नर्स शाहीन भी यात्रा कर रही थीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टाफ नर्स शाहीन ने बिना समय गंवाए बस के भीतर ही सोनूघाट के पास सुरक्षित प्रसव कराया। हालांकि उस समय नाल काटने के लिए आवश्यक चिकित्सीय उपकरण उपलब्ध नहीं थे, जिसके चलते बस को तत्काल महार्षि देवराहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल विंग लाया गया।
अस्पताल पहुंचने पर वार्ड बॉय घाघन, एमपीडब्ल्यू प्रीति तथा अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल सहायता प्रदान करते हुए सभी आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं सुरक्षित रूप से पूरी कीं। इसके बाद मां और नवजात को अस्पताल में भर्ती कर आवश्यक उपचार एवं निगरानी में रखा गया। चिकित्सकों के अनुसार मां और शिशु दोनों स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रजनी ने इस सराहनीय कार्य के लिए स्टाफ नर्स शाहीन, वार्ड बॉय घाघन, एमपीडब्ल्यू प्रीति सहित पूरी टीम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह घटना सेवा भावना, मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह घटना साबित करती है कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा का माध्यम है। विपरीत परिस्थितियों में स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और समर्पण ने एक बार फिर समाज के सामने मिसाल पेश की है।

























































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