माटीकला महोत्सव में पहुंचे DM और CDO, कारीगरों के हुनर को सराहा; दिव्यांग बालिका के स्टॉल पर बढ़ाया उत्साह
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड की ओर से आयोजित आजमगढ़ माटीकला महोत्सव-2026 में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी कमलकिशोर देशभूषण कंडारकर ने पहुंचकर विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मिट्टी से निर्मित आकर्षक उत्पादों को देखा और स्थानीय कारीगरों के हुनर की जमकर सराहना की।
महोत्सव में मिट्टी के दीये, मोमबत्तियां, लालटेन और विभिन्न प्रकार के सजावटी सामानों के स्टॉल लगाए गए हैं। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी ने इन स्टॉलों से उत्पादों की खरीदारी भी की। अधिकारियों की इस पहल से स्थानीय कुम्हारों और छोटे उद्यमियों का उत्साह बढ़ा।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी विशेष रूप से दिव्यांग बालिका के स्टॉल पर पहुंचे। उन्होंने बालिका और उसकी माता से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। जिलाधिकारी ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
जिला कारागार की ओर से लगाए गए माटीकला स्टॉल का भी अधिकारियों ने अवलोकन किया। जिलाधिकारी ने इसे सराहनीय पहल बताते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से जेल में निरुद्ध बंदियों को कौशल विकास और रचनात्मक कार्यों से जोड़ने का अवसर मिलता है, जिससे उनके पुनर्वास की दिशा में सकारात्मक मदद मिल सकती है।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी स्नातक छात्रा से संवाद किया और उसके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, हुनर और आत्मविश्वास के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि आत्मविश्वास और परिश्रम से प्रत्येक व्यक्ति अपनी प्रतिभा को पहचान दिला सकता है। युवाओं, विशेषकर महिलाओं को शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
आजमगढ़ माटीकला महोत्सव स्थानीय कारीगरों, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों और पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री का मंच प्रदान कर रहा है। अधिकारियों का यह भ्रमण कारीगरों के मनोबल को बढ़ाने के साथ ही स्थानीय हस्तशिल्प और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने वाला रहा।

























































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