बकरी चोरी गिरोह के सदस्य से पुलिस की मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार
आजमगढ़। सिधारी थाना पुलिस ने बकरी चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन तथा चोरी की बकरी बेचने से प्राप्त 1,560 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सिधारी क्षेत्र की दो तथा जीयनपुर क्षेत्र की एक बकरी चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक 4 अक्टूबर को प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। शाहगढ़ चौराहे पर मुखबिर से सूचना मिली कि बकरी चोरी गिरोह के दो सदस्य मोटरसाइकिल से डेंटल कॉलेज इटौरा की ओर से समेंदा होते हुए शाहगढ़ की तरफ आ रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी की।
कुछ देर बाद मोटरसाइकिल आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर चालक ने अचानक ब्रेक लगाया और बाइक गिर गई। पुलिस के अनुसार चालक अपने साथी आसिफ को पुलिस टीम पर गोली चलाने के लिए कहकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। बाइक पर पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। पुलिस द्वारा आत्मसमर्पण की चेतावनी दिए जाने के बावजूद दोबारा फायर करने का प्रयास करने पर आत्मरक्षार्थ नियंत्रित फायरिंग की गई, जिसमें गोली आसिफ के दाहिने पैर में घुटने के नीचे लगी।
घायल अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर प्राथमिक उपचार कराया और जिला अस्पताल आजमगढ़ भेजा। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान आसिफ पुत्र हसीब, निवासी अशरफपुर, थाना जीयनपुर, उम्र करीब 30 वर्ष के रूप में हुई है।
तीन बकरी चोरी की घटनाओं का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में आसिफ ने बताया कि वह कलीम पुत्र इस्लाम निवासी शाहपुर, थाना जीयनपुर तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर बकरी चोरी करता था। पुलिस के अनुसार कलीम गिरोह का मुख्य व्यक्ति है।
पूछताछ में आसिफ ने 29 सितंबर को सिधारी थाना क्षेत्र के दौलतपुर से दो बकरी, 20 सितंबर को समेंदा से एक बकरी तथा 16 सितंबर को जीयनपुर थाना क्षेत्र के बैरियाडिह से तीन बकरी चोरी करने की घटनाओं में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस के अनुसार समेंदा से चोरी की गई बकरी बेचने के बाद आसिफ के हिस्से में आए 1,560 रुपये भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य पहले क्षेत्र में घूमकर बकरियों और उनके मालिकों की गतिविधियों पर नजर रखते थे। मौका मिलने पर बकरियों को चोरी कर बेच देते थे और प्राप्त रकम को आपस में बांट लेते थे। गिरोह के सदस्य पुलिस या लोगों के जाग जाने पर डराने-धमकाने के लिए अवैध असलहे भी रखते थे।
कलीम अंधेरे का फायदा उठाकर फरार
मुठभेड़ के दौरान कलीम मोटरसाइकिल छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार कलीम के विरुद्ध विभिन्न थानों में 38 अभियोग दर्ज हैं, जबकि गिरफ्तार आसिफ के विरुद्ध 06 अभियोग पंजीकृत हैं।
सिधारी थाने में आसिफ के खिलाफ मु0अ0सं0 409/2026, धारा 109(1)/303(2)/317(2) बीएनएस तथा 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
तमंचा-कारतूस समेत बरामदगी
पुलिस ने अभियुक्त के पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, एक मिसफायर कारतूस, 1,560 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त दोपहिया वाहन बरामद किया है। वाहन को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है।
घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। बरामदगी की कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की गई।
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक रंजन कुमार साव, उपनिरीक्षक बालेन्द्र कुमार यादव, उपनिरीक्षक शिवम द्विवेदी समेत सिधारी थाने की पुलिस टीम शामिल रही।
























































Leave a comment