फर्जी नियुक्ति पत्र देकर सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.30 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
आजमगढ़। मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर 2.30 लाख रुपये की ठगी करने वाले वांछित अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर बीएसए कार्यालय का कर्मचारी बनकर फर्जी परिचय पत्र दिखाने और फर्जी नियुक्ति पत्र देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, हिलालपुर निवासी लक्ष्मन विश्वकर्मा ने 30 सितंबर को मेहनाजपुर थाने में तहरीर दी थी। आरोप है कि बेला कलीचपुर निवासी हरिश्चन्द्र ने खुद को बीएसए कार्यालय आजमगढ़ का कर्मचारी बताते हुए फर्जी आईडी दिखाई और सहायक अध्यापक की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 2.30 लाख रुपये ले लिए। कुछ दिन बाद उसे फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग करने पहुंचने पर उसके फर्जी होने की जानकारी हुई। रुपये वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा।
तहरीर के आधार पर मेहनाजपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। जांच के दौरान साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में अन्य धाराओं की बढ़ोतरी की गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक प्रशान्त पाण्डेय पुलिस टीम के साथ आरोपी की तलाश में जुटे थे। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मानिकपुर मोड़ से हरिश्चन्द्र उर्फ हरिचरन राम को 30 सितंबर को करीब 2:10 बजे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बीएसए कार्यालय आजमगढ़ का फर्जी परिचय पत्र, फर्जी मुहर, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिश्चन्द्र उर्फ हरिचरन राम पुत्र रामफेर राम, निवासी बेला कलीचपुर, थाना मेहनाजपुर, आजमगढ़, उम्र करीब 58 वर्ष के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक मामले में मु0अ0सं0-87/2026, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 341(1) व 317(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक प्रशान्त पाण्डेय, हेड कांस्टेबल कालिका यादव और कांस्टेबल पुनीत सिंह शामिल रहे।






















































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