आदमखोर कुत्तों का आतंक आखिर जिम्मेदार कौन
आजमगढ़ जनपद के अंजान शहीद गांव में आदमखोर कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आज एक मासूम नन्हीं बच्ची पर आवारा और हिंसक कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्ची को घेरकर बुरी तरह नोच डाला, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह बच्ची को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यह घटना बेलाल खान पुत्र अबरार ग्राम निवासी की छोटी सी बच्ची अपने घर के बाहर द्वार पर खेल रही थी तभी अचानक आदमखोर कुत्तों ने घेर कर जख्मी कर डाला
यह कोई पहली घटना नहीं है। कुछ ही दिनों पहले इन्हीं हिंसक कुत्तों ने गांव में दर्जनों बकरियों, बकरों और यहां तक कि भैंसों पर हमला कर उन्हें मार डाला था। उस समय भी ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
अब सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीण डर के साए में जीते रहेंगे? क्या किसी बड़ी जनहानि का इंतजार किया जा रहा है? बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?
ग्रामीण प्रशासन से मांग करते हैं कि आदमखोर और हिंसक कुत्तों को तत्काल पकड़वाया जाए, प्रभावित परिवार को हरसंभव चिकित्सा सहायता और मुआवजा दिया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए।
प्रशासन से अपील है कि इस गंभीर मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए तत्काल कार्रवाई करे, ताकि किसी और मासूम की जिंदगी खतरे में न पड़े।
























































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