ताजिया की ऊंचाई पर शासन-प्रशासन के आदेश हवा-हवाई?
देवरिया।जनपद में मोहर्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनज़र ताजिया की ऊंचाई सीमित रखने के निर्देशों के बीच मईल थाना क्षेत्र के ग्राम बगही में कथित तौर पर 20 से 22 फुट ऊंचा ताजिया बनाए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने सुरक्षा और हाईटेंशन विद्युत तारों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फुट निर्धारित की थी, तो फिर बगही में इतने ऊंचे ताजिए का निर्माण कैसे हो गया?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं, तो उनका पालन कराने की जिम्मेदारी किसकी थी? मामले को लेकर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ताजियादार का दावा है कि उन्होंने लगभग एक सप्ताह पहले जिला एवं तहसील प्रशासन से ताजिए की ऊंचाई के संबंध में लिखित अनुमति लेने का प्रयास किया, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि बाद में जब उन्होंने स्थानीय थाना प्रशासन से शासन के आदेश की प्रति मांगी, तो उन्हें भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर मईल थाना के एसएसआई महेंद्र यादव ने कहा कि "ताजिए की ऊंचाई को लेकर ऐसा कोई शासनादेश नहीं है। पुलिस परिस्थितियों के अनुसार अपने अधिकार क्षेत्र में आवश्यक कार्रवाई करती है और जरूरत पड़ने पर नोटिस भी जारी किया जा सकता है।"
इधर, सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन के कथित निर्देश वायरल होने के बाद पुलिस के बयान और सार्वजनिक रूप से प्रसारित जानकारी के बीच विरोधाभास को लेकर बहस तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऊंचाई संबंधी निर्देश जारी हुए थे, तो उनका पालन क्यों नहीं कराया गया? और यदि ऐसे कोई निर्देश थे ही नहीं, तो वे सार्वजनिक रूप से कैसे प्रसारित हुए?
उधर, इस पूरे मामले पर पुलिस क्षेत्राधिकारी बरहज ने कहा कि यदि ताजिए की ऊंचाई को लेकर कोई मामला संज्ञान में आता है, तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


























































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