Religion and Culture / धर्म और संस्कार

भक्ति रस में डूबा टेघना गांव: तीसरे दिन कपिल देवहूति प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालुश्रोता

 घोसी । बोझी।ग्राम सभा टेघना में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथा पंडाल में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भीषण गर्मी और तपिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंचे और भक्ति रस का आनंद लिया।
कथा व्यास पीठ से पूज्य **प्रणव चतुर्वेदी जी** ने आज के प्रसंग की शुरुआत करते हुए कर्दम प्रजापति और माता देवहुति के दिव्य विवाह का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि कैसे कर्दम जी और देवहुति के तप के परिणामस्वरूप साक्षात भगवान नारायण ने उनके घर 'कपिल' रूप में अवतार लिया।
*सांख्य दर्शन की महिमा*
कथा को आगे बढ़ाते हुए व्यास जी ने भगवान कपिल द्वारा अपनी माता देवहुति को दिए गए **'सांख्य दर्शन'** (तत्व ज्ञान) के उपदेश की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने कहा कि संसार के मोह-माया के बंधनों से मुक्ति और ईश्वर की सच्ची भक्ति का मार्ग केवल ज्ञान और वैराग्य से ही संभव है। भगवान कपिल का यह दिव्य संदेश सुनकर पंडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरा माहौल 'हरे कृष्ण, हरे राम' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
*गर्मी पर भारी पड़ी आस्था*
इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी भी भक्तों के उत्साह को कम नहीं कर पाई। दोपहर की तपन के बाद भी समस्त ग्रामवासी और आस-पास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालु अंत तक कथा पंडाल में डटे रहे और ठाकुर जी की आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया। इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में समस्त टेघना ग्रामवासी पूरी निष्ठा के साथ जुटे हुए हैं।


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