Latest News / ताज़ातरीन खबरें
इस कविता से लोगों ने ....कामयाबी की उम्मीद पर टिके आख़िरी वक़्त तक
दिल में उम्मीदों को जिन्दा रख |
तेरी हर परेशानी का हल निकलेगा ||
हे मानव तू कोशिश कर हल निकलेगा |
आज नही तो कल निकलेगा ||
तीर तो तू उठा, निशाना तो लगा |
मरूस्थल से भी जल निकलेगा ||
हे मानव तू कोशिश कर हल निकलेगा |
आज नही तो कल निकलेगा ||
कोशिश तो तू कर ,हिम्मत तो जुटा |
रास्ता खुद बखुद चल निकलेगा ||
हे मानव तू कोशिश कर हल निकलेगा |
आज नही तो कल निकलेगा ||
तू मेहनत कर, पोधो को पानी दे |
बंजर में भी फल निकलेगा ||
हे मानव तू कोशिश कर हल निकलेगा |
आज नही तो कल निकलेगा ||
लेखिका =सीमा मौर्या पिता =राजकुमार गद्दोपुर अम्बारी आजमगढ

























































Leave a comment