संतान सुख प्राप्त न होने पर विवाहिता ने लगायी फाँसी
आजमगढ़। संतान सुख से वंचित 23 वर्षीय विवाहिता ने बुधवार की रात डाला छठ पर्व के अवसर पर बहन के घर गए पति का मोह त्याग फांसी लगाकर मौत का वरण कर लिया। गुरुवार की सुबह मायके वालों की उपस्थिति में पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना रानी की सराय क्षेत्र के ऊंजी गोदाम गांव की बताई गई है।
रानी की सराय क्षेत्र के ऊंजी गोदाम निवासी सुमन विश्वकर्मा की शादी विगत वर्ष 2017 में देवरिया जिले के धनौली थाना अंतर्गत बहरो ग्राम निवासी शिवानी के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति-पत्नी परिवार वालों से अलग रहने लगे। संतान सुख से वंचित शिवानी अक्सर उदास रहती थी। बताते हैं कि बुधवार को डाला छठ पर्व के अवसर पर शिवानी का पति सुमन मेंहनगर क्षेत्र में रहने वाली बहन के घर गया था। मौका पाकर घर में अकेले रही सुमन ने कमरे का दरवाजा बंद कर साड़ी के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रात में जब पति घर लौटा और पत्नी को आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर उसने यह बात पड़ोसियों को बताई। आशंकावश जब लोग कमरे में झांक कर देखे तो साड़ी के सहारे लटक रहे शव देख सभी दंग रह गए। घटना की सूचना स्थानीय थाने को दी गई। सूचना पाकर रात में ही रानी की सराय थानाप्रभारी व क्षेत्राधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। क्षेत्राधिकारी के निर्देश पर मृतका के कमरे को सील कर पुलिस ने उसके मायके वालों को घटना की जानकारी देते हुए मौके पर बुलाया। गुरुवार की सुबह वहां पहुंचे मायके वालों की उपस्थिति में कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा गया। आवश्यक कार्यवाही के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में मायके वालों की ओर से कोई आरोप नहीं लगाया गया था।























































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