आजमगढ़ में पहले कोरोना अब बाढ़ के चलते मासूमों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़,विपत्तियों के जाल में घिरा मासूम की भविष्य
आजमगढ़ : सरकार ने कोविड-19 संक्रमण कम होने के बाद विद्यालयों को खोल दिया है वहीं दूसरी तरफ जिले के देवरांचल में स्कूल खुलने के बाद भी हजारों बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। कारण कि इनके विद्यालय बाढ़ के चलते पानी में डूबे हुए है। जहां विद्यालय पानी से नहीं घिरे है वहां भी पठन पाठन नहीं हो पा रहा है। कारण कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का गांव नदी के पानी से डूबा है। रास्ते कट गए है। जिससे छात्र शिक्षा से वंचित हो गये है। इस पर क्षेत्र के विधायक नफीस अहमद ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है
सगड़ी तहसील क्षेत्र के देवरांचल में रहने वाले लोगों को घाघरा की बाढ़ से जूझना पड़ता है। दो माह से लगातार घाघरा नदी में जल का उतार चढ़ाव लगा हुआ हैं, जिससे हालत खराब हो गये है। एक सितम्बर से जिले में प्राथमिक से लेकर सभी विद्यालयों को खोल दिया गया। लेकिन देवरांचल के करीब एक दर्जन स्कूल बाढ़ के पानी में डूबे है या स्कूल के जाने का सम्पर्क मार्ग पानी में डूब या कट गये है। जिससे स्कूलों को ताला नहीं खुल सका है। जो स्कूल पानी में डूबे नहीं वहां जाने की समस्या छात्रों को है। उनका कहना है कि कोरोना के कारण स्कूल बंद थे, दो माह से शिक्षक विद्यालय जा रहे थे तो पहले ही सरकार को इसके इंतजाम पूरे कर लेने चाहिए थे। उन्होने कहा कि प्रत्येक वर्ष बाढ़ से इस क्षेत्र के लोग प्रभावित होते है, लेकिन कोई ठोस व्यवस्था आज तक नहीं की जा सकी है। वही क्षेत्र के सपा विधायक नफीस अहमद ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती की पिछड़े इलाके के गरीब लोगों के बच्चे अच्छी शिक्षा ग्रहण करें। इस लिए इन इलाकों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है।

























































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