कथित तांत्रिक ने दो भाईयों के बीच बोया नफरत का जहर,छोटा भाई बड़े के खून का हुआ प्यासा ,पत्नी ने पुलिस अधीक्षक से लगाई गुहार
जौनपुर- जलालपुर- : एक कथित तांत्रिक ने दो भाइयों के बीच नफरत का बीज बो दिया। नफरत की आग इस कदर लगी है कि छोटा भाई अपने ही बड़े भाई के खून का प्यासा हो गया है। छोटे भाई की डर से बड़ा भाई करीब एक सप्ताह से से घर नहीं आ रहा है। इधर- उधर खुले आसमान के नीचे सोकर किसी तरह एक-एक दिन बिता रहा है। थाने पर सुनवाई नहीं हुई तो उसने पुलिस अधीक्षक से जानमाल की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है।
जलालपुर थाना क्षेत्र के तालामझवारा गांव निवासी लालजी ने बताया कि उसके छोटे भाई अजय की साइकिल गत माह 19 जून को कहीं गायब हो गई है। साइकिल का पता लगाने के लिए अजय ने एक कथित तांत्रिक का सहारा लिया। तांत्रिक ने अजय को बताया कि उसकी गायब साइकिल उसी के बड़े भाई लालजी के घर में मौजूद है।तांत्रिक की बात को मानकर अजय 3 जुलाई को मेरे घर में घुस गया और मुझे मारपीट जब घर में अजय को साइकिल नहीं मिली तो उसने मेरा बाइक अपने घर लेकर चला गया और बाइक ने देने की जिद पर अड़ गया। मेरे द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मेरी बाइक वापस करा दी और अजय को किसी भी प्रकार का विवाद न करने का हिदायत देकर कर छोड़ दिया। आरोप है कि लालजी जैसे ही थाने से अपने घर पहुंचा तो अजय ने तीन चार लोग को लेकर लालजी पर हमला बोलना चाहा लालजी किसी तरह अपनी जान बचाकर घर से भाग निकला। लालजी ने थाने पर सूचना दिया परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसकी पत्नी ने अपने पति की सुरक्षा के लिए पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई।
खून के प्यासे छोटे भाई की डर से लालजी नहीं जा रहा है घर।
लालजी का छोटा भाई अजय तांत्रिक के बातों में पूरी तरह से फंस चुका है उसे अभी भी शक है कि उसकी साइकिल उसके बड़े भाई ने ही गायब कराया है। लालजी की माने तो उसके छोटे भाई ने कसम खाया है कि जब से वह मुझे जान से मार नहीं लेगा तब से वह चैन से नहीं बैठेगा। लालजी ने बताया कि करीब एक हफ्ता हो गया मैं अपने घर नहीं गया हूँ किसी तरह इधर -उधर की दुकानों से चाय ब्रेड खा कर खुले आसमान के नीचे सोकर अपनी जीवन बिता रहा हूं। थाने से मुझे कोई मदद नहीं मिल रही है।
पत्नी ने कहा हफ्तों से भूखे हैं मेरे पति, उनको नहीं मिल रहा है किसी का सहारा
लालजी की पत्नी दुर्गावती ने बताया कि मेरे पति राजगीर का काम करते हैं और मैं उनके साथ मजदूरी करती हूं बड़े बेटे की मौत पहले ही हो चुकी है और छोटा बेटा जबसे कुएं में गिरा है उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं रहती । परिवार का जीविका चलाने में एक पति का हि मात्र सहारा है पति के न रहने से मुझे भी काम नही मिल रहा है हम लोग भी भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। पति हमारे बहुत ही सीधे हैं और देवर हमारे बहुत ही खतरनाक है जिसकी वजह से वह डरते रहते ही रहते हैं। तांत्रिक ने जिस कदर दोनो भाइयों के बीच नफरत का बीज बोया है हमें लगता है कि कोई बड़ी घटना न हो जाए। जलालपुर पुलिस ने जब मेरे पति की मदद नहीं की तो मैंने पुलिस अधीक्षक से पति की सुरक्षा के लिए गुहार लगाई है।


























































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