सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर मजबूत और एकजुट भारत के निर्माण का लें संकल्प- कैबिनेट मंत्री एके शर्मा।
घोसी।मऊ।नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वी जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर बाबा थानीदास ग्रामीण विद्यापीठ इंटर कालेज अमिला मोड़, मऊ में आयोजित वृहद कार्यक्रम में सरदार पटेल के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ वृहद रोजगार मेला के साथ विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने नगर पंचायत अमिला, नगर पंचायत दोहरीघाट तथा जिला नगरीय विकास अभिकरण की लगभग 48 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के 10 लाभार्थियों को आवास निर्माण की द्वितीय किस्त वितरित की गई। इसके साथ ही भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर मंत्री शर्मा ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
उन्होंने खेड़ा सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1918 में किसानों पर लगाए गए लगान और अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार के खिलाफ सरदार पटेल के नेतृत्व में व्यापक आंदोलन हुआ। इस आंदोलन में महिलाओं और पुरुषों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। सरदार पटेल ने किसानों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया।
मंत्री एके शर्मा ने क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि गोठा में अंडरपास स्वीकृत हो गया है। हड़हुआ में भी अंडरपास की व्यवस्था की गई है। बाबा थानीदास के पास ओवरब्रिज की व्यवस्था भी हो गई है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने देश की एकता के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि देश को जाति और दलों में बांटने के बजाय सरदार पटेल के बताए रास्ते पर चलकर राष्ट्र की एकता को मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के साथ राजनीतिक रूप से भी अन्याय हुआ। कांग्रेस के तत्कालीन संगठन में प्रधानमंत्री पद को लेकर सरदार पटेल के पक्ष में व्यापक समर्थन होने के बावजूद पंडित जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में संवैधानिक व्यवस्थाओं को प्रभावित किया गया और रातों-रात स्थानांतरण एवं नियुक्तियां की जाती थीं।
नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मऊ जनपद में करीब 20 हजार आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने नगर पंचायत अमिला, नगर पंचायत दोहरीघाट और डूडा विभाग की ओर से किए गए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। इस दौरान नगर पंचायत अमिला में 37, नगर पंचायत दोहरीघाट में 45 तथा डूडा विभाग की ओर से 50 परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास का उल्लेख किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में जो विकास कार्य पूरे हो चुके हैं, वे भले ही उन्हें याद न हों, लेकिन जो समस्याएं और मांगें अभी अधूरी हैं, वे उन्हें एक-एक करके याद हैं। उनके समाधान के लिए वे लगातार प्रयास करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि थानीदास में रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरपास की मांग लंबे समय से की जा रही है। रेलवे क्रॉसिंग पार करते समय बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए संबंधित स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में संबंधित मंत्री के कार्यालय से पत्र भी प्राप्त हुआ है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में इतने व्यापक स्तर पर विकास कार्य हो रहे हैं कि उन्हें गिनाने बैठें तो महीनों लग जाएंगे। क्षेत्र में सड़क, रेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार इसी विकास यात्रा का हिस्सा है।
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए मंत्री शर्मा ने कहा कि सरदार पटेल देश की एकता और अखंडता के महान शिल्पकार थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का निर्माण कराकर सरदार पटेल को वैश्विक सम्मान और पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक परियोजना की परिकल्पना से लेकर उसके निर्माण तक प्रधानमंत्री जी के सहयोगी के रूप में उन्हें भी योगदान करने का अवसर मिला। यह उनके लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के प्रति पूरा देश सदैव कृतज्ञ रहेगा। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में भी सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने भारतीय संस्कृति, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रतीक इस मंदिर को उसका गौरवशाली स्वरूप दिलाने का संकल्प लिया था।
मंत्री श्री शर्मा ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं, न्यायपालिका और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रभाव पड़ा था। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र के महत्व को समझने के लिए देश के इतिहास की इन घटनाओं को भी याद रखना आवश्यक है। सरदार पटेल जैसे महान राष्ट्रनायकों के विचारों और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र की प्रत्येक लंबित समस्या का समाधान हो। उन्होंने कहा कि मऊ के विकास के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे और मऊ को विकास का मॉडल बनाने के संकल्प के साथ कार्य करेंगे।
इस अवसर पर कार्यक्रम में रमेश सिंह पटेल, पारस नाथ सिंह मुन्नागुप्ता चेयरमैनघोसी,विनयजायसवाल चेयरमैन दोहरीघाट, डॉ.रामजतन अध्यक्षप्रतिनिधि, विपिनकुमारराय,प्रधानाचार्य डा संजयकुमार, विमल कृष्ण राय,हरिश्चंद्र सिंह, शुभम सिंह, सुजीत सिंह और अमेरिका सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


























































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