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हापुड़ में पत्रकार नसीम की पीट-पीटकर हत्या, दीपावली पर विज्ञापन लेने निकले पत्रकारों की सुरक्षा पर उठे सवाल,आईडियल पत्रकार संगठन के केंद्रीय सचिव बोले - दोषियों को फांसी की सज़ा होनी चाहिए

हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से पत्रकारिता जगत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जनवाणी अखबार से जुड़े पत्रकार मोहम्मद नसीम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना जरौठी रोड क्षेत्र में हुई। नसीम अपने पत्रकारिता संबंधी काम से वहां पहुंचे थे। इसी दौरान उनके साथ मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल नसीम को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

विज्ञापन लेने पहुंचे थे नसीम?

स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक दीपावली के अवसर पर नसीम एक व्यापारी के पास विज्ञापन लेने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद होने की बात कही जा रही है। विवाद बढ़ने के बाद कथित रूप से नसीम के साथ मारपीट की गई।

हालांकि, विज्ञापन लेने के दौरान ही विवाद शुरू हुआ और इसी वजह से हत्या हुई—इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

मौके पर पुलिस बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। स्थानीय स्तर पर तीन थानों की पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जानकारी जुटाई।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमला किन लोगों ने किया, विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना में कितने लोग शामिल थे।

पत्रकार की हत्या से पत्रकार जगत में आक्रोश

नसीम की मौत की खबर सामने आने के बाद स्थानीय पत्रकारों में शोक और आक्रोश है। पत्रकार संगठनों और मीडिया कर्मियों की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठने की संभावना है।

पत्रकारों के लिए यह घटना इसलिए भी गंभीर है क्योंकि त्योहारी सीजन में अखबारों और मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकार बड़ी संख्या में विज्ञापन और शुभकामना संदेश जुटाने के लिए बाजारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का दौरा करते हैं।

दीपावली पर विज्ञापन मांगने वाले पत्रकार रहें सतर्क

दीपावली के दौरान विज्ञापन जुटाने का काम मीडिया संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण होता है। पत्रकार और विज्ञापन प्रतिनिधि दिनभर अलग-अलग दुकानों, प्रतिष्ठानों और व्यापारिक संस्थानों में जाते हैं। ऐसे में किसी भी विवाद या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पत्रकारों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

पत्रकारों को कोशिश करनी चाहिए कि संवेदनशील या अनजान स्थानों पर अकेले न जाएं। अपने सहकर्मियों या संस्थान को अपनी लोकेशन और मुलाकात की जानकारी देकर रखें। यदि बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनती है तो बहस बढ़ाने के बजाय मौके से हटना और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देना बेहतर है।

किसी भी प्रकार की धमकी, मारपीट या खतरे की स्थिति में तत्काल पुलिस की सहायता ली जानी चाहिए।

जांच के बाद सामने आएगा हत्या का पूरा सच

हापुड़ में पत्रकार नसीम की मौत के मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि हमला क्यों किया गया और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी?

क्या विवाद केवल विज्ञापन को लेकर हुआ था? क्या पहले से कोई विवाद चल रहा था? हमले में कितने लोग शामिल थे? और क्या पुलिस ने संदिग्धों की पहचान कर ली है? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही स्पष्ट होगा।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। पत्रकार नसीम की मौत ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि अपने पेशेगत दायित्व निभाते हुए पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन सुनिश्चित करेगा?

आइडियल पत्रकार संगठन के केंद्रीय सचिव  चंद्रशेखर मौर्य ने इस घटना की कड़ी निंदा किया उन्होंने आगे कहा कि, 

दीपावली जैसे व्यस्त त्योहारी सीजन में विज्ञापन और समाचार कवरेज के लिए फील्ड में जाना पड़ता है और इस घटना ने  पत्रकार सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दिया है।उन्होंने आगे कहा कि दोषियों को फांसी की सज़ा होनी चाहिये। 


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