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डीआईजी ने घटनास्थल पर पहुंचकर लिया जायजा रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में चार पुलिस विभाग के लोग निलंबित। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित

देवरिया।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी हत्याकांड के बाद शुक्रवार को पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना के अगले दिन डीआईजी एस. चनपा दोपहर करीब 12 बजे पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर और अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी सुनील कुमार सिंह के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और घटना की परिस्थितियों, पुराने विवाद तथा पुलिस की अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। इसी दौरान लापरवाही के आरोप में प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किए जाने से मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
रामेश्वर तिवारी की पत्नी अमृता देवी की तहरीर पर संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी समेत 10 अज्ञात के खिलाफ हत्या सहित आठ धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। वहीं तीन महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
पुराने विवाद की चिंगारी ने लिया खूनी रूप
बताया गया कि रामेश्वर तिवारी और आरोपित पक्ष के खेतों तक पहुंचने का रास्ता दोनों पक्षों की जमीन से होकर गुजरता है। इसी रास्ते को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। गुरुवार को घर के सामने सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनवाने को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर रामेश्वर तिवारी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
परिजनों के अनुसार करीब पांच माह पहले भी भूमि विवाद को लेकर मारपीट हुई थी और लार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इतना ही नहीं, 22 जुलाई को रामेश्वर ने पुलिस को तहरीर देकर जान का खतरा भी जताया था। इसके बावजूद विवाद को रोकने के लिए क्या प्रभावी कदम उठाए गए, यह सवाल अब पूरे मामले में महत्वपूर्ण हो गया है।
घटनास्थल पर ही चार पुलिसकर्मी निलंबित
मामले में पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवालों के बीच डीआईजी ने घटनास्थल पर ही बड़ी कार्रवाई की। प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह, हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक राममूरत राम, मुख्य आरक्षी चंद्रभान और आरक्षी प्रीतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई।
दो साल पुराने विवाद में भी हुई थी पुलिस पर कार्रवाई
बताया जाता है कि करीब दो वर्ष पहले भी रामेश्वर तिवारी का इन्हीं लोगों से विवाद हुआ था। परिजनों का आरोप है कि उस दौरान कार्रवाई करने के बजाय रामेश्वर के साथ ही मारपीट की गई थी। बाद में रामेश्वर की पिटाई के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। अब उसी विवाद से जुड़े लोगों पर हत्या का आरोप लगने के बाद पुरानी घटना और पुलिस कार्रवाई भी फिर चर्चा में है।
बचपन में पिता की हत्या, अब बेटे की भी मौत
रामेश्वर तिवारी के परिवार पर दुखों का सिलसिला पुराना बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार जब रामेश्वर महज तीन वर्ष के थे, तभी उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। बचपन में पिता का साया सिर से उठ गया। वर्षों बाद विवाद के दौरान रामेश्वर की मौत ने परिवार को फिर उसी दर्द के बीच ला खड़ा किया है।
परिजनों के मुताबिक कुछ वर्ष पहले दूसरे पट्टीदार से विवाद के दौरान रामेश्वर के ड्राइवर संतोष की भी हत्या कर दी गई थी। बिहार निवासी संतोष की हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज है और मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
फरवरी में बेटे की शादी, अब घर में मातम
रामेश्वर तिवारी के इकलौते बेटे विकास की शादी फरवरी में तय थी। घर में शादी की तैयारियों को लेकर परिवार उत्साहित था।  वहां अब चीख-पुकार और मातम पसरा है।
शुक्रवार सुबह घर पहुंचे विकास ने अपनी बहनों को देखते ही सीने से लगा लिया और फूट-फूटकर रो पड़ा। भाई-बहनों का यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। घर के भीतर से उठती रुलाई और बाहर पसरा सन्नाटा पूरे गांव के दर्द को बयां कर रहा था।
हत्या के बाद गांव में तनाव को देखते हुए 200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात है।
डीआईजी के सामने परिजनों ने मांगी कड़ी कार्रवाई
घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी के सामने परिजनों ने आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित परिजनों ने आरोपितों के एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग भी रखी। अधिकारियों ने उनकी बातें सुनीं और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिया।
रामेश्वर की मौत की खबर पर लार ब्लॉक क्षेत्र के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता भी उनके घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। उधर, पुलिस की जांच अब हत्या के तत्काल कारण के साथ-साथ पुराने विवाद, पूर्व की शिकायतों और पुलिस स्तर पर हुई कार्रवाई  लेकर आगे की कार्यवाही में जुट गई है।


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