डीएम आनंद वर्धन की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक संपन्न
अपराधियों को सजा दिलाने हेतु प्रभावी पैरवी एवं लंबित वादों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
अवैध शराब,मादक पदार्थ एवं महिला संबंधी अपराधों में प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देश
घोसी। मऊ।डीएम आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कानून व्यवस्था एवं अभियोजन शाखा की मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय स्थित सभागार में देर शाम संपन्न हुई। बैठक में अभियोजन कार्य, लंबित वादों, जमानत प्रकरणों, कानून व्यवस्था, महिला अपराध, एससी/एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट, गैंगस्टर एवं गुंडा एक्ट सहित आगामी त्योहारों के दृष्टिगत की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन ने बताया कि अगस्त माह में अधीनस्थ एवं सत्र न्यायालयों में कुल 609 नए वाद दायर हुए,390 वादों का निस्तारण किया गया। निस्तारित वादों में 281 में सजा, 31 में रिहाई, 34 में सुलह, 31 मुकदमों को सत्र सुपुर्द तथा 13 मामलों में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई की गई। सजा के कुल मामलों में से अधीनस्थ न्यायालयों में अन्य अधिनियमों के अंतर्गत 240 मामलों में सजा हुई।
सत्र न्यायालय में आईपीसी के अंतर्गत अगस्त माह में 31 मुकदमे दायर हुए,13 का निस्तारण किया गया। इनमें एक मामले में सजा, 11 में रिहाई तथा एक में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई हुई। एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत पांच नए मुकदमे दायर हुए, जबकि दो का निस्तारण हुआ, जिनमें एक में सजा तथा एक में दाखिल दफ्तर की कार्रवाई हुई। गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत नौ मुकदमे दायर हुए, अगस्त माह में कोई निस्तारण नहीं हुआ। पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 17 मुकदमे दायर हुए तथा चार का निस्तारण हुआ, जिनमें एक में सजा और तीन में रिहाई हुई।
दायर वादों की तुलना में निस्तारण की स्थिति कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने समस्त अभियोजकों को इसमें सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मजबूत तथ्यों एवं प्रभावी पैरवी के माध्यम से अधिक से अधिक अपराधियों को, विशेषकर गंभीर अपराधों में, सजा दिलाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। अभियोजकवार समीक्षा करते हुए डीएम ने प्रत्येक अभियोजक को प्रत्येक माह कम से कम एक बड़े मुकदमे का निस्तारण सुनिश्चित करने तथा पुराने मुकदमों को प्राथमिकता के आधार पर लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में गवाह उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं, उनकी पूर्व में ही जानकारी प्राप्त कर गवाहों की न्यायालय में उपस्थिति एवं गवाही सुनिश्चित कराई जाए। संयुक्त निदेशक अभियोजन को समय-समय पर अभियोजकों के न्यायालयों में परिवर्तन करने के भी निर्देश डीएम ने दिए। साथ ही प्रत्येक मुकदमे की फाइल का रिकॉर्ड अद्यतन रखने तथा प्रत्येक फाइल किस स्तर पर लंबित है, इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा। अंतिम चरण में पहुंच चुके मुकदमों के निस्तारण हेतु विशेष प्रयास करने के निर्देश भी दिए।
अभियोजकवार जमानत प्रकरणों की समीक्षा में संयुक्त निदेशक ने बताया कि अगस्त माह में कुल 538 जमानत आवेदन न्यायालय में प्रस्तुत हुए, जिनमें 433 मामलों में जमानत स्वीकृत तथा 105 मामलों में अस्वीकृत हुई। बड़ी संख्या में जमानत स्वीकृत होने पर जिलाधिकारी ने प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से गंभीर अपराधों में जमानत निरस्त कराने हेतु तथ्यों एवं साक्ष्यों के साथ मजबूती से पक्ष रखने को कहा।
पॉक्सो एक्ट के मामलों में पक्षद्रोहिता के कारण रिहाई के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने वादी एवं उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें जागरूक करने तथा मामलों की प्रभावी पैरवी के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। एससी/एसटी एक्ट के कम निस्तारित मामलों में तेजी लाने तथा दोषमुक्त मामलों में नियमानुसार अपील की कार्रवाई करने को भी कहा।
कानून व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीएम ने अवैध एवं जहरीली शराब के विरुद्ध अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनपद की सीमा पर स्थित थानों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। जिन थानों में जनवरी माह से अब तक मादक पदार्थ एवं ड्रग्स से संबंधित कोई प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है, वहां प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला संबंधी अपराध एवं उत्पीड़न के मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि महिला अपराधों की नियमित समीक्षा की जाती है, इसलिए अधिक प्रकरण वाले थानों में विशेष ध्यान देकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। स्कूल एवं कॉलेजों में महिला बीट पुलिसकर्मियों के माध्यम से महिला अपराधों में सजा के परिणामों की जानकारी छात्र-छात्राओं को देकर जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। महिला अपराधों में संलिप्त ऐसे अपराधियों, जो गुंडा एक्ट की परिधि में आते हों, के विरुद्ध नियमानुसार गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई करने के निर्देश जिला अधिकारी द्वारा दिए गए।
गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत पारित आदेशों के बावजूद कुछ थानों द्वारा कुर्की की कार्रवाई लंबित पाए जाने पर एसपी कमलेश बहादुर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को एक सप्ताह के भीतर पारित आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने की चेतावनी दी।
गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर किए गए अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। जिला बदर अपराधी के जनपद में प्रवेश पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी डीएम ने दी। एससी/एसटी एक्ट के मामलों में समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करने तथा पॉक्सो एक्ट के लंबित विवेचनाओं को तत्काल पूर्ण कर चार्जशीट दाखिल करने एवं मजबूत तथ्यों के साथ पैरवी कर अपराधियों को सजा दिलाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए।
आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने समस्त थानों पर पीस कमेटी की बैठक 30 सितंबर से पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। मूर्ति स्थापना स्थलों, रामलीला स्थलों आदि का सीओ एवं एसडीएम द्वारा पूर्व में ही स्थलीय निरीक्षण करने तथा समस्याओं को चिन्हित कर समय रहते समाधान कराने को कहा। किसी जटिल प्रकरण की जानकारी होने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराने के भी निर्देश दिए।
मूर्ति विसर्जन घाटों का भी पूर्व में निरीक्षण कर साफ-सफाई, विद्युत सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। पंडालों में विद्युत सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने, डीजे संचालकों से समन्वय करने तथा विसर्जन के दौरान घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश डीएम द्वारा दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगरीय क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने तथा सड़क किनारे पड़े कूड़े की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ब्लॉकों में आयोजित जन चौपालों में प्रतिभाग करने को कहा। लोक निर्माण विभाग को त्योहारों से पूर्व सड़कों को गड्ढामुक्त करने तथा पुलिस विभाग को पूर्व से ही निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे आगामी त्योहार शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हो सकें।
बैठक में नगरीय क्षेत्रों में लगाए गए सभी सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच कर उन्हें अनवरत संचालित रखने के निर्देश दिए गए। हाईवे पर पेट्रोल पंपों एवं ढाबों के आसपास बेतरतीब खड़े ट्रकों पर भी प्रभावी निगरानी रखने तथा पेट्रोल पंप एवं ढाबा संचालकों से समन्वय कर वाहनों को निर्धारित स्थलों पर खड़ा कराने के निर्देश दिए। एआरटीओ को बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में एसपी कमलेश बहादुर, अपर जिलाधिकारी श प्रवेंद्र कुमार, एसडीएम घोसी अशोक कुमार सिंह, समस्त एसडीएम, समस्त सीओ, समस्त थाना प्रभारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन शाखा, डीजीसी अजय कुमार सिंह सहित अभियोजन शाखा के समस्त संबंधित अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

























































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